{"_id":"597b76694f1c1b95478b45bc","slug":"41501263465-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच गांवों में सैटेलाइट डाटा के उपयोग से बनेगी कार्ययोजनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच गांवों में सैटेलाइट डाटा के उपयोग से बनेगी कार्ययोजनाएं
Updated Fri, 28 Jul 2017 11:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंपावत। खरीफ मौसम में कृषि और संबंधित व्यवसायों में रोजगार के साधन के विकास के लिए जिले में पांच ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। जिनमें सैटेलाइट डाटा के उपयोग से विकास की कार्ययोजनाएं तय की जाएंगी। जिले की सल्ली, बस्तिया, कलचौड़ा, पटनगांव, बिसराड़ी ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान की ओर से उपलब्ध कराए गए एग्रो क्लेमेटिक प्लानिंग एंड इंफॉर्मेशन बैंक सेटेलाइट डेटा का उपयोग किया जाएगा।
जिला विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने योजना की समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों को चयनित ग्रामों में संचालित कार्ययोजना के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारियों के कार्यों की स्वयं भी निगरानी करने तथा संचालित कार्ययोजना की प्रगति रिपोर्ट व प्रभारी अधिकारियों की सूची एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लघु सिंचाई तथा अन्य विभागीय अधिकारी चयनित गांवों में अपनी योजनाओं के कार्यों और योजनाओं का रखरखाव, नई योजनाओं के चयन और बोई जाने वाली फसल का फीड बैंक अगली बैठक में प्रस्तुत करने के साथ रवी की फसल के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने की कार्यवाही प्रारंभ करें। बैठक का संचालन अपर संख्याधिकारी अशोक कुमार ने किया। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.बीएस जंगपांगी, सहायक निदेशक डेयरी एलडी सागर, जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या, कृषि विभाग के प्रभारी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राजेंद्र उप्रेती आदि मौजूद थे।
जिला विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने योजना की समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों को चयनित ग्रामों में संचालित कार्ययोजना के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारियों के कार्यों की स्वयं भी निगरानी करने तथा संचालित कार्ययोजना की प्रगति रिपोर्ट व प्रभारी अधिकारियों की सूची एक सप्ताह के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लघु सिंचाई तथा अन्य विभागीय अधिकारी चयनित गांवों में अपनी योजनाओं के कार्यों और योजनाओं का रखरखाव, नई योजनाओं के चयन और बोई जाने वाली फसल का फीड बैंक अगली बैठक में प्रस्तुत करने के साथ रवी की फसल के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने की कार्यवाही प्रारंभ करें। बैठक का संचालन अपर संख्याधिकारी अशोक कुमार ने किया। इस मौके पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.बीएस जंगपांगी, सहायक निदेशक डेयरी एलडी सागर, जिला उद्यान अधिकारी एनके आर्या, कृषि विभाग के प्रभारी, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राजेंद्र उप्रेती आदि मौजूद थे।
विज्ञापन