फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   चंपावत के जिला सहकारी बैंक का इंतजार कब तक

चंपावत के जिला सहकारी बैंक का इंतजार कब तक

Wed, 14 Jun 2017 11:16 PM IST
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
चंपावत के जिला सहकारी बैंक का इंतजार कब तक

विज्ञापन

चंपावत। उत्तराखंड को सहकारिता प्रदेश बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संवारने के दावे खूब हो रहे हैं, लेकिन सहकारिता के हाल इस जिले में ठीक नहीं है। यहां तक कि किसानों और ग्रामीणों से सीधा जुड़ाव रखने वाले जिला सहकारी बैंक खुलने का लोगों का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। कई जिलों में सहकारी बैंक का ढांचा भी ठीकठाक नहीं है। प्रदेश के 13 जिलों में से चंपावत सहित तीन जिलों के अपने बैंक नहीं है। ये तीनों जिले अपने पैतृक जिलों के सहकारी बैंकों पर आश्रित हैं। यह स्थिति जिला बनने के 20 साल बाद बनी हुई है। यहां चंपावत जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) नहीं बन सका है।

हर जिले के नाम से आमतौर पर सहकारी बैंक होता है। इस वक्त 13 जिलों वाले प्रदेश में 10 जिला सहकारी बैंक है। लेकिन 20 साल पूर्व बने सूबे के तीन जिले अपने सहकारी बैंकों को तरस रहे हैं। सितंबर 1997 को चंपावत, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिले बने। लेकिन इनमें से किसी का अपना सहकारी बैंक नहीं है। ये जिले अपने पैतृक जिलों के बैंक मुख्यालयों से संचालित हो रहे हैं। चंपावत जिले की डीसीबी की 8 शाखाओं का प्रशासनिक और प्रबंधकीय नियंत्रण पिथौरागढ़ जिले के मातहत हैं। इसी तरह बागेश्वर की बैंक शाखाएं अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग के डीसीबी बैंकों का काम अपने पैतृक जिले के सहारे चल रहा है।
विज्ञापन

चंपावत साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष विकास साह व धूरा समिति के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी का कहना है कि लोगों को बैंक से संबंधित ढेरों कामों के लिए 160 किलोमीटर तक दौड़ लगानी पड़ रही है। बैंक बनने से पिथौरागढ़ की दौड़ बचेगी। साथ ही इससे जिले में नई शाखाओं के खुलने के साथ वित्तीय कारोबार और ऋण-जमा अनुपात में भी बढ़ोत्तरी आएगी। बता दें कि चंपावत से महज तीन साल पहले 1994 में नैनीताल से अलग होकर ऊधमसिंह नगर जिला बनाया गया था। इस जिले का अपना सहकारी बैंक (ऊधमसिंह नगर जिला सहकारी बैंक) वर्षों पूर्व बन चुका है। यहां का बैंक शुरुआत के कुछ सालों में ही नैनीताल डीसीबी द्वारा संचालित हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले में डीसीबी की 175.80 करोड़ की जमा पूंजी
चंपावत जिले में बैंकों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। सात साल में राष्ट्रीयकृत बैंक दुगने से अधिक हो गए हैं। इस वक्त जिले में 17 बैंकों की 58 शाखाएं हैं। इसमें 12 राष्ट्रीयकृत बैंकों की 30 शाखाएं हैं। जबकि सात वर्ष पूर्व राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं मात्र 12 थी। लीड बैंक प्रबंधक आनंद सिंह रावत ने बताया कि जिले के सभी 58 बैंकों की जमा पूंजी मार्च 2017 तक 1818.14 करोड़ रुपये थी। जिसमें पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की चंपावत जिले में स्थित 8 शाखाओं का हिस्सा 175.80 करोड़ है।

अलग बैंक को इस माह होगी प्रबंध समिति की बैठक

पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की प्रबंध समिति के सदस्यों ने अप्रैल में चंपावत के अलग जिला सहकारी बैंक गठित किए जाने का प्रस्ताव रख अग्रिम कार्यवाही के लिए सहकारी समितियों के निबंधक से मार्गदर्शन मांगा था। उत्तराखंड सहकारी समितियों के निबंधक बीएम मिश्रा ने 25 मई को पत्र भेज 15 दिनों के भीतर सामान्य निकाय की बैठक करने के निर्देश दिए हैं।

कहा कि सामान्य निकाय की इस बैठक में सिर्फ एक प्रस्ताव चंपावत जिले में पृथक जिला सहकारी बैंक गठित किए जाने पर चर्चा की जाय। इस पारित प्रस्ताव को निबंधक को भेजा जाना है। चंपावत के जिला सहायक निबंधक पान सिंह राणा ने बताया कि पिथौरागढ़ में प्रस्तावित इस बैठक की संभावित तिथि 29 जून है। प्रस्ताव पारित होने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed