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Champawat News: रुपालीगाड़-पंचेश्वर के बीच 35 किमी सड़क बनने की उम्मीद
Fri, 17 May 2024 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 17 May 2024 11:44 PM IST
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पुल के निर्माण कार्य में लगी मशीनें। संवाद
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टनकपुर (चंपावत)। प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र के पेंच में फंसी बहु प्रतीक्षित सामरिक महत्व की टनकपुर-जौलजीबी मार्ग में रुपालीगाड़ से पंचेश्वर तक 35 किमी सड़क का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। भारत सरकार के संयुक्त सचिव से कार्रवाई के निर्देश मिलते ही कार्यदायी संस्था परियोजना क्रियान्वयन इकाई पीआईयू सक्रिय हो गई है। पीआईयू ने प्रदेश शासन को भूमि के मुआवजा आदि के लिए करीब 11 करोड़ का प्रस्ताव भेज दिया है।
बता दें कि सामरिक महत्व के काली नदी के किनारे टनकपुर से जौलजीबी तक प्रस्तावित सड़क के प्रारंभिक सर्वे में दूरी 211 किमी से सिमटकर 135 किमी होने की उम्मीद से लोग उत्साहित हुए थे, लेकिन मार्ग में पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र का रोड़ा आने से निर्माण अटक गया। कार्यदायी संस्था पीआईयू के एईई विजेंद्र पोखरिया ने बताया कि वर्तमान में टनकपुर से रुपालीगाड़ तक 55 किमी सड़क में चल्थी नदी में 690 मीटर लंबे पुल और तीन 24-24 मीटर की पुलिया को छोड़कर सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। चल्थी नदी में पुल का 10 मई से 42.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण शुरु कर दिया है। जुलाई 2025 मेंं पुल का निर्माण पूरा हो जाएगा। 30 अप्रैल को भारत सरकार के संयुक्त सचिव ने वीसी के माध्यम से बैठक ली और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब पीआईयू की ओर से प्रथम चरण में रुपालीगाड़ से पंचेश्वर तक भूमि के मुआवजा और डीपीआर बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर चार मई को एसडीएम के माध्यम से उत्तराखंड शासन को भेज दिया है। संवाद
बता दें कि सामरिक महत्व के काली नदी के किनारे टनकपुर से जौलजीबी तक प्रस्तावित सड़क के प्रारंभिक सर्वे में दूरी 211 किमी से सिमटकर 135 किमी होने की उम्मीद से लोग उत्साहित हुए थे, लेकिन मार्ग में पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र का रोड़ा आने से निर्माण अटक गया। कार्यदायी संस्था पीआईयू के एईई विजेंद्र पोखरिया ने बताया कि वर्तमान में टनकपुर से रुपालीगाड़ तक 55 किमी सड़क में चल्थी नदी में 690 मीटर लंबे पुल और तीन 24-24 मीटर की पुलिया को छोड़कर सड़क का निर्माण पूरा हो गया है। चल्थी नदी में पुल का 10 मई से 42.49 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण शुरु कर दिया है। जुलाई 2025 मेंं पुल का निर्माण पूरा हो जाएगा। 30 अप्रैल को भारत सरकार के संयुक्त सचिव ने वीसी के माध्यम से बैठक ली और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब पीआईयू की ओर से प्रथम चरण में रुपालीगाड़ से पंचेश्वर तक भूमि के मुआवजा और डीपीआर बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर चार मई को एसडीएम के माध्यम से उत्तराखंड शासन को भेज दिया है। संवाद
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