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ईंधन नहीं दे सकते, तो क्यों दी नई एंबुलैंस?
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:28 PM IST
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पाटी (चंपावत)। पाटी को 19 अक्तूबर को आपात चिकित्सा सेवा 108 की नई एंबुलेंस मिली, पर वक्त पड़ने पर एंबुलेंस काम नहीं आ सकी। मंगलवार को हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर किए गए दो मरीजों में से एक के लिए भी 108 उपलब्ध नहीं हो सकी। दोनों मरीजों को निजी खर्च पर हल्द्वानी ले जाया गया।
रीठाखाल क्षेत्र की गर्भवती महिला भावना (27) पत्नी एमसी भट्ट को तबियत बिगड़ने पर मंगलवार सुबह सात बजे पाटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। रक्त अल्पता और कम वजन के चलते 9 माह की गर्भवती भावना को अस्पताल से हल्द्वानी रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि आपात चिकित्सा सेवा 108 को कॉल किया गया, मगर वह ईंधन की कमी से नहीं मिल सकी। गर्भवती की नाजुक हालत को देखते हुए परिजन निजी कार से महिला को हल्द्वानी ले गए।
एचआईवी से पीड़ित एक महिला की तबियत बिगड़ने पर अस्पताल भर्ती किया गया। मरीज को पाटी अस्पताल तक 108 से लाया गया। प्राथमिक इलाज करने के बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.आभाष सिंह ने मरीज को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया। परिजनों ने हल्द्वानी के लिए 108 सेवा को अस्पताल से ही कॉल की, मगर 108 सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में 45 किमी दूर रीठा साहिब की 108 सेवा भेजने की बात कही गई। लेकिन काफी इंतजार करने के बाद यह सेवा भी नहीं पहुंच सकी, तो थक हार कर मरीज को पांच हजार रुपये खर्च कर निजी वाहन के जरिए हल्द्वानी तक पहुंचाया। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि मामला जानकारी में आने पर उन्होंने 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर नजदीक की एंबुलेंस तुरंत उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
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पाटी की एंबुलेंस ईंधन की कमी की वजह से हल्द्वानी नहीं भेजी जा सकी। उसके स्थान पर रीठा साहिब की 108 सेवा को बुलवाया गया था, मगर उसके पहुंचने में समय लगने से तीमारदार निजी वाहन से मरीजों को ले गए। ईंधन के लिए धन देने के लिए राज्य मुख्यालय आग्रह किया गया था और मंगलवार अपराह्न को पाटी की एंबुलेंस में ईंधन भरा जा चुका है।
रजत उनियाल, जिला समन्वयक, आपात चिकित्सा सेवा 108
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रीठाखाल क्षेत्र की गर्भवती महिला भावना (27) पत्नी एमसी भट्ट को तबियत बिगड़ने पर मंगलवार सुबह सात बजे पाटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। रक्त अल्पता और कम वजन के चलते 9 माह की गर्भवती भावना को अस्पताल से हल्द्वानी रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि आपात चिकित्सा सेवा 108 को कॉल किया गया, मगर वह ईंधन की कमी से नहीं मिल सकी। गर्भवती की नाजुक हालत को देखते हुए परिजन निजी कार से महिला को हल्द्वानी ले गए।
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एचआईवी से पीड़ित एक महिला की तबियत बिगड़ने पर अस्पताल भर्ती किया गया। मरीज को पाटी अस्पताल तक 108 से लाया गया। प्राथमिक इलाज करने के बाद प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.आभाष सिंह ने मरीज को हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया। परिजनों ने हल्द्वानी के लिए 108 सेवा को अस्पताल से ही कॉल की, मगर 108 सेवा उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में 45 किमी दूर रीठा साहिब की 108 सेवा भेजने की बात कही गई। लेकिन काफी इंतजार करने के बाद यह सेवा भी नहीं पहुंच सकी, तो थक हार कर मरीज को पांच हजार रुपये खर्च कर निजी वाहन के जरिए हल्द्वानी तक पहुंचाया। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि मामला जानकारी में आने पर उन्होंने 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर नजदीक की एंबुलेंस तुरंत उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
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पाटी की एंबुलेंस ईंधन की कमी की वजह से हल्द्वानी नहीं भेजी जा सकी। उसके स्थान पर रीठा साहिब की 108 सेवा को बुलवाया गया था, मगर उसके पहुंचने में समय लगने से तीमारदार निजी वाहन से मरीजों को ले गए। ईंधन के लिए धन देने के लिए राज्य मुख्यालय आग्रह किया गया था और मंगलवार अपराह्न को पाटी की एंबुलेंस में ईंधन भरा जा चुका है।
रजत उनियाल, जिला समन्वयक, आपात चिकित्सा सेवा 108