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एक कॉल ने कर दिया रंग में भंग

Sun, 15 Apr 2018 10:52 PM IST
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:52 PM IST
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एक कॉल ने कर दिया रंग में भंग

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चंपावत। बच्चों के प्रमाण पत्रों में जन्म तिथि गलत अंकित होने पर भी उसे नजरअंदाज करने वालों के लिए एक सबक। हाईस्कूल के सर्टिफिकेट और आधार कार्ड में जन्मतिथि अलग-अलग होने की वजह से एक बेटी की 17 अप्रैल को होने वाली शादी खटाई में पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। आधार कार्ड में अंकित जन्मतिथि के मुताबिक बेटी बालिग है, जबकि सर्टिफिकेट की जन्मतिथि उसे नाबालिग बता रही है। एसपी ने सोमवार को पुलिस टीम को स्कूल जाकर वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए कहा है।

महिला हेल्पलाइन में रविवार को एक गांव में नाबालिग के विवाह होने की सूचना आई तो एसपी ने महिला दरोगा ज्योति कोरंगा को पुलिस टीम के साथ गांव भेजा। जांच में पता चला कि 17 अप्रैल से दो मई के बीच गांव में चार लड़कियों की शादी होनी है। इनमें से एक लड़की शैक्षिक प्रमाणपत्र में अंकित जन्मतिथि 05 फरवरी 2003 के मुताबिक नाबालिग लेकिन, आधारकार्ड (जन्मतिथि 21 मई 1999) के मुताबिक बालिग है। संशय बढ़ने पर एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने पुलिस टीम को स्कूल जाकर वस्तुस्थिति पता लगाने के लिए कहा है।
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उधर, बेटी के विवाह और सोमवार को होने वाले महिला संगीत को लेकर असमंजस है। शादी की तैयारियां रुक गई हैं। परिजनों के भी हाथ-पांव फूले हैं। बालिका के पिता के साथ जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट और ग्राम प्रधान नारायण दत्त एसपी धीरेंद्र गुंज्याल और कोतवाल सलाउद्दीन से मिलने पहुंचे और दावा किया कि उनकी बेटी नाबालिग नहीं है। स्कूल में जन्म तिथि लिखाने में चूक हुई है। आधार कार्ड में दर्ज जन्म तिथि सही है इसलिए विवाह होने से न रोका जाए। मालूम हो कि सात मार्च को जिले के चल्थी गांव में पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के विवाह को रोकते हुए दोनों पक्षों के सात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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शैक्षिक प्रमाणपत्र की जन्म तिथि के आधार पर नाबालिग लड़की के संबंध में स्कूल में जांच कराई जाएगी। जरूरी हुआ, तो चिकित्सकीय मदद भी ली जाएगी।
धीरेंद्र गुंज्याल, एसपी

बड़ी बहन को बना दिया छोटा
नाबालिग बताई जा रही बेटी की एक छोटी बहन है, लेकिन शैक्षिक प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि ने बड़ी बहन को छोटा बना दिया है। छोटी बहन की जन्म तिथि शैक्षिक प्रमाणपत्र में 12 दिसंबर 2002 दर्ज है। इस लिहाज से बड़ी बहन 56 दिन छोटी हो गई है। ग्राम प्रधान का कहना है कि ये गड़बड़ी स्कूल और माता-पिता की जागरूकता की कमी के कारण हुई है। कॉमन सर्विस सेंटर के जिला समन्वयक कुलदीप भंडारी का कहना है कि आधार कार्ड में उम्र दर्ज कराने के लिए हाईस्कूल का प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल या पासपोर्ट की जरूरत होती है।
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