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फोर्ती गांव के नौ परिवार शौचालय के बगैर
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लोहाघाट (चंपावत)। खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) के दावों को शहर से लगा फोर्ती गांव आयना दिखा रहा है। इस गांव के नौ परिवारों के पास अब भी शौचालय नहीं हैं। ये सभी परिवार घर से दूर खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं।
लोहाघाट विकासखंड के 250 परिवार वाले फोर्ती गांव में 241 ही परिवारों के पास शौचालय है। ओडीएफ के एलान के बावजूद नौ परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। शौचालयविहीन इन परिवारों के लोग घरों से दूर जंगल और खेत-खलिहान में जाने को मजबूर हैं। राजेंद्र पुनेठा, नीरज बगौली सहित गांव के तमाम शौचालयविहीन परिवारों का कहना है कि वक्त-बेवक्त शौच के लिए जाने में डर भी बना रहता है। शौचालय न होने के चलते वे सुबह उजाला होने से पूर्व ही शौच को जाते हैं।
वार्ड सदस्य उमेश चंद्र पुनेठा का कहना है कि कई बार मांग के बावजूद शौचालय नहीं बन पा रहे हैं।
इधर ग्राम प्रधान भगवती प्रसाद का कहना है कि कई परिवारों के अलग होने से इनके पास शौचालय नहीं है। इन लोगों के लिए मनरेगा योजना से शौचालय बनाने की पहल की जा रही है। स्वजल में भी सूची भेजी गई है।
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फोर्ती गांव के शौचालयविहीन परिवार
राजेंद्र पुनेठा, नीरज बगौली, हेम चंद्र पुनेठा, रमेश चंद्र, ललित मोहन जोशी, दानी राम, जोगा राम, ईश्वर राम और गोपाल राम।
फोर्ती गांव के शौचालय से वंचित परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही इन सभी परिवारों के शौचालय बना लिए जाएंगे।
- हरगोविंद भट्ट, परियोजना निदेशक, चंपावत।
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लोहाघाट विकासखंड के 250 परिवार वाले फोर्ती गांव में 241 ही परिवारों के पास शौचालय है। ओडीएफ के एलान के बावजूद नौ परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं। शौचालयविहीन इन परिवारों के लोग घरों से दूर जंगल और खेत-खलिहान में जाने को मजबूर हैं। राजेंद्र पुनेठा, नीरज बगौली सहित गांव के तमाम शौचालयविहीन परिवारों का कहना है कि वक्त-बेवक्त शौच के लिए जाने में डर भी बना रहता है। शौचालय न होने के चलते वे सुबह उजाला होने से पूर्व ही शौच को जाते हैं।
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वार्ड सदस्य उमेश चंद्र पुनेठा का कहना है कि कई बार मांग के बावजूद शौचालय नहीं बन पा रहे हैं।
इधर ग्राम प्रधान भगवती प्रसाद का कहना है कि कई परिवारों के अलग होने से इनके पास शौचालय नहीं है। इन लोगों के लिए मनरेगा योजना से शौचालय बनाने की पहल की जा रही है। स्वजल में भी सूची भेजी गई है।
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फोर्ती गांव के शौचालयविहीन परिवार
राजेंद्र पुनेठा, नीरज बगौली, हेम चंद्र पुनेठा, रमेश चंद्र, ललित मोहन जोशी, दानी राम, जोगा राम, ईश्वर राम और गोपाल राम।
फोर्ती गांव के शौचालय से वंचित परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। जल्द ही इन सभी परिवारों के शौचालय बना लिए जाएंगे।
- हरगोविंद भट्ट, परियोजना निदेशक, चंपावत।