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आमबाग, ककरालीगेट और भोटिया पड़ाव में हाथी का उत्पात

Tue, 24 Apr 2018 10:45 PM IST
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:45 PM IST
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आमबाग, ककरालीगेट और भोटिया पड़ाव में हाथी का उत्पात
टनकपुर (चंपावत)। हाथी ने सोमवार रात फिर भोटिया पड़ाव, ककरालीगेट और आमबाग गांव में उत्पात मचाकर आधा दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों के मकान के गेट, चहारदीवारी तोड़ी और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया। सुबह पांच बजे हाथी पिथौरागढ़ मार्ग पर ककरालीगेट के पास हाइवे की रेलिंग तोड़कर पेट्रोल पंप से ककरालीगेट तिराहे तक इधर-उधर टहलता रहा, जिसे लोगों ने शोर मचाकर जंगल की ओर खदेड़ा।
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सोमवार रात हाथी ने पहले भोटिया पड़ाव में दिनेश पंत, वेदप्रकाश पंत के मकान का गेट, चहारदीवारी तोड़कर फलदार पेड़ों को तहस-नहस किया, फिर आमबाग में हयात चंद, देवराज फर्त्याल, हरीश फर्त्याल के मकान के गेट, चहारदीवारी तोड़ी। त्रिलोचन खर्कवाल और हरिदत्त भट्ट के गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा। सुबह ककरालीगेट पहुंचकर हाथी ने हाइवे की डिवाइडर रेलिंग तोड़ी और राम सिंह, जगजीवन सिंह रौतेला के बगीचे की तारबाड़ तोड़कर फलदार पेड़ों को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद सुबह पांच बजे हाथी ककरालीगेट में पेट्रोल पंप के पास से ककरालीगेट तिराहे तक हाइवे पर इधर-उधर घूमता रहा, जिसे लोगों ने जंगल की ओर खदेड़ा।
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शासन में लंबित है हाथी दीवार का प्रस्ताव
गत वर्ष 18 जुलाई को क्षेत्र के दौरे पर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने टनकपुर में वन्यजीवों से सुरक्षा को गांवों एवं जंगलों की सीमा पर सुरक्षा उपाय की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा नौ माह बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। वन विभाग के एसडीओ राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि सीएम की घोषणा के बाद ककरालीगेट से बाटनागाड़ तक हाथी दीवार के निर्माण का प्रस्ताव तीन माह पहले ही शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी के बाद ही दीवार का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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हाथियों को भगाने के लिए अब बाघ की गर्जना का सहारा
हाथियों के झुंड को गांवों से लगे जंगलों से दूर खदेड़ने को अब वन विभाग लाउडस्पीकर में बाघ की गर्जना बजाएगा। शारदा रेंज के उप प्रभागीय वनाधिकारी राजेश श्रीवास्तव का कहना है कि हाथी बाघ से दूर रहते हैं, लिहाजा अब हाथियों को दूर खदेड़ने के लिए बाघ की गर्जना का सहारा लिया जाएगा। रात्रि गश्त के दौरान वन विभाग का वाहन हूटर के साथ ही अब बाघ की गर्जना भी बजाएगा। इसके लिए पेन ड्राइव में बाघ की गर्जना टेप कराई जा रही है।
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