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खसरे से बचने को जरूरी है रूबेला प्रतिरक्षण
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:28 AM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट विकासखंड के सभागार में खसरा रूबेला प्रतिरक्षण अभियान की गोष्ठी हुई। खंड विकास अधिकारी पूरन सिंह रावत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों को खसरे जैसी गंभीर बीमारी से निजात दिलाने के लिए महत्वपूर्ण पहल है। एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 11 सितंबर से उत्तराखंड में राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे खसरा रूबेला प्रतिरक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को एमआर टीके की विशेष खुराक दी जाएगी।
बताया कि विश्व में प्रतिवर्ष बाल मृत्यु में खसरा सबसे ज्यादा मारक है। जिन महिलाओं में रूबेला वायरस मौजूद है, उनके बच्चों में भविष्य में अनेक बीमारियां पैदा होने का खतरा रहता है। इस मौके पर खंड शिक्षाधिकारी महावीर सिंह, बीआरसी समन्वयक रमेश जोशी, सीडीपीओ पुष्पा कोठारी, नंदी चुफाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह, प्रेम भट्ट, जोगेंद्र थापा, मदन राणा, डॉ. कैलाश, दीपक जोशी आदि थे।
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बताया कि विश्व में प्रतिवर्ष बाल मृत्यु में खसरा सबसे ज्यादा मारक है। जिन महिलाओं में रूबेला वायरस मौजूद है, उनके बच्चों में भविष्य में अनेक बीमारियां पैदा होने का खतरा रहता है। इस मौके पर खंड शिक्षाधिकारी महावीर सिंह, बीआरसी समन्वयक रमेश जोशी, सीडीपीओ पुष्पा कोठारी, नंदी चुफाल, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक सिंह, प्रेम भट्ट, जोगेंद्र थापा, मदन राणा, डॉ. कैलाश, दीपक जोशी आदि थे।
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