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खेतीखान क्षेत्र में तेंदुए का आतंक
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:01 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। खेतीखान क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। एक पखवाडे़ के भीतर तेंदुए ने क्षेत्र में घूम रहे 10 मवेशियों को मार दिया है। शुक्रवार की रात को तेंदुए ने दो गायों को मारने के साथ एक बछिया को पंजा मारकर घायल कर दिया। लोगों द्वारा शोरगुल करने पर तेंदुआ बछिया को छोड़कर जंगल में भाग गया। तेंदुए के आतंक के चलते क्षेत्र में दहशत है। लोग शाम ढलते ही घरों में दुबक जा रहे हैं। अपने मवेशियों को भी जंगल भेजने में डर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेशराज देउपा ने बताया कि एक पखवाड़े से क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। तेंदुआ अब तक 10 से अधिक मवेशियों को निशाना बना चुका है। तेंदुए की डर से महिलाएं घास-लकड़ी के लिए जंगल नहीं जा रही हैं। मानर तल्ला, मारागांव, तपनीपाल आदि गांवों से खेतीखान बाजार में आने वाले लोग शाम पांच बजे तक खरीददारी कर अपने घरों को वापस लौट जा रहे हैं। क्षेत्र की महिलाओं को नलिया चौकी में मादा तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ दिखी।
शनिवार को खेतीखान में पशुपालन विभाग के कर्मी नरेंद्र राम, सतीश पाठक ने घायल बछिया का इलाज किया। कैलाश सेलिया, जीवन जोशी, गोपाल मनराल ललित मोहन, सुमित कलखुड़िया, हरिशंकर, पप्पू बोहरा, किशोर जुकरिया, गोपाल मनराल, अमर सिंह, राजेंद्र चंद्र आदि ने वन विभाग से तेंदुए पकड़ने की मांग उठाई।
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेशराज देउपा ने बताया कि एक पखवाड़े से क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। तेंदुआ अब तक 10 से अधिक मवेशियों को निशाना बना चुका है। तेंदुए की डर से महिलाएं घास-लकड़ी के लिए जंगल नहीं जा रही हैं। मानर तल्ला, मारागांव, तपनीपाल आदि गांवों से खेतीखान बाजार में आने वाले लोग शाम पांच बजे तक खरीददारी कर अपने घरों को वापस लौट जा रहे हैं। क्षेत्र की महिलाओं को नलिया चौकी में मादा तेंदुआ अपने तीन शावकों के साथ दिखी।
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शनिवार को खेतीखान में पशुपालन विभाग के कर्मी नरेंद्र राम, सतीश पाठक ने घायल बछिया का इलाज किया। कैलाश सेलिया, जीवन जोशी, गोपाल मनराल ललित मोहन, सुमित कलखुड़िया, हरिशंकर, पप्पू बोहरा, किशोर जुकरिया, गोपाल मनराल, अमर सिंह, राजेंद्र चंद्र आदि ने वन विभाग से तेंदुए पकड़ने की मांग उठाई।
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