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सीजेएम ने विचाराधीन कैदियों की समस्याएं सुनीं
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:02 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से न्यायिक बंदीगृह में माइक्रो लीगल लिट्रेसी कैंप में विचाराधीन कैदियों को अधिकारों की जानकारी देने के साथ समस्याएं सुनीं। शुक्रवार को जिला जज प्रेम सिंह खिमाल के दिशा-निर्देशन में हुए कैंप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) धर्मेंद्र कुमार सिंह ने विचाराधीन कैदियों की समस्याएं सुनीं।
कहा कि अपनी पैरवी करने के लिए वकील नहीं रख सकने वाले कैदी जिला विधिक प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर नि:शुल्क अधिवक्ता ले सकता है। कैदियों से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता व स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी ली। उन्होंने बंदीगृह प्रभारी राकेश फर्त्याल से कैदियों को दिए जाने वाले भोजन, कैदियों से मिलने के समय की जानकारी ली। बाद में उन्होंने जेल परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला शासकीय अधिवक्ता भास्कर मुरारी के संचालन में हुए शिविर में विजय कुमार राय, द्वारिका प्रसाद शर्मा, रमेश गौतम आदि मौजूद थे।
कहा कि अपनी पैरवी करने के लिए वकील नहीं रख सकने वाले कैदी जिला विधिक प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर नि:शुल्क अधिवक्ता ले सकता है। कैदियों से मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता व स्वास्थ्य परीक्षण की जानकारी ली। उन्होंने बंदीगृह प्रभारी राकेश फर्त्याल से कैदियों को दिए जाने वाले भोजन, कैदियों से मिलने के समय की जानकारी ली। बाद में उन्होंने जेल परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला शासकीय अधिवक्ता भास्कर मुरारी के संचालन में हुए शिविर में विजय कुमार राय, द्वारिका प्रसाद शर्मा, रमेश गौतम आदि मौजूद थे।
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