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अभिनंदन तेरा अभिनंदन है, तेरे कृत्यों को वंदन है...
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चंपावत। कूर्मांचल एंग्लो संस्कृत विद्यालय में रविवार को हुई काव्य गोष्ठी में क्षेत्र के कवियों ने कविताओं के जरिए मौजूदा हालात को बयां किया। रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी सुभाष जोशी ने विंग कमांडर अभिनंदन की बहादुरी पर ’अभिनंदन तेरा अभिनंदन है, तेरे कृत्यों को वंदन है। शूरवीर बन तू चमका है, अरि उर में जा धमका है’ कविता पेश की।
रिटायर्ड प्रधानाचार्य डॉ. तिलकराज जोशी ने ‘लक्ष्य प्राप्ति का बिना थके ही, इंतजार यद तुम कर सकते, युवा साहित्यकार हिमांशु जोशी ने ‘सलाम कीजिए आली जनाब आए हैं, पूरे पांच साल का वो लेके हिसाब आए हैं’, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. कीर्तिबल्लभ सक्टा ने ‘ऋतुराज तेरा आगमन नव हर्ष का आस्वाद देता’, प्रवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने ‘थके हुए को कभी मेहरबां नहीं मिलता’, पुष्कर सिंह बोहरा ने ‘मातृभूमि सेवा निमित्त करता नित संघर्ष है’ और बाल कवि फाल्गुनी सक्टा ने ‘स्कूल जाते-जाते, जब आती है छुट्टियां, हम सभी बच्चों को कितनी भाती है छुट्टियां’ कविता पेश की। काव्य गोष्ठी में अजय अविरल, हर्षित राय, बबीता जोशी और रचित सक्टा ने भी कविता सुनाई। ब्यूरो
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रिटायर्ड प्रधानाचार्य डॉ. तिलकराज जोशी ने ‘लक्ष्य प्राप्ति का बिना थके ही, इंतजार यद तुम कर सकते, युवा साहित्यकार हिमांशु जोशी ने ‘सलाम कीजिए आली जनाब आए हैं, पूरे पांच साल का वो लेके हिसाब आए हैं’, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. कीर्तिबल्लभ सक्टा ने ‘ऋतुराज तेरा आगमन नव हर्ष का आस्वाद देता’, प्रवक्ता राजीव श्रीवास्तव ने ‘थके हुए को कभी मेहरबां नहीं मिलता’, पुष्कर सिंह बोहरा ने ‘मातृभूमि सेवा निमित्त करता नित संघर्ष है’ और बाल कवि फाल्गुनी सक्टा ने ‘स्कूल जाते-जाते, जब आती है छुट्टियां, हम सभी बच्चों को कितनी भाती है छुट्टियां’ कविता पेश की। काव्य गोष्ठी में अजय अविरल, हर्षित राय, बबीता जोशी और रचित सक्टा ने भी कविता सुनाई। ब्यूरो
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