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टनकपुर के सीएमएस को क्लीन चिट मिली
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:32 PM IST
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चंपावत। टनकपुर संयुक्त अस्पताल में बने मेडिकल प्रमाण पत्रों की जांच पूरी कर ली गई है। जांच रिपोर्ट में मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.एचएस ह्यांकी को क्लीन चिट मिल गई है। मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आरपी खंडूरी ने कुमाऊं मंडल के स्वास्थ्य निदेशक को जांच रिपोर्ट की आख्या भेज दी है।
नगर पालिका के एक सदस्य ने मार्च 2014 से दिसंबर 2015 तक अस्पताल में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बने मेडिकल प्रमाणपत्र और टनकपुर एआरटीओ कार्यालय में मौजूद मेडिकल प्रमाण पत्रों की संख्या में अंतर के मद्देनजर जांच की मांग की थी। संयुक्त अस्पताल में 6680 और एआरटीओ कार्यालय में 9496 चिकित्सा प्रमाणपत्र थे। इस मामले की नवंबर 2017 और इस साल दो पूर्व एसीएमओ जांच कर चुके थे, लेकिन शिकायतकर्ता गिरीश वर्मा द्वारा तीसरी बार जांच की मांग की गई थी।
निदेशक के आदेश के बाद चंपावत के सीएमओ डॉ.खंडूरी ने अस्पताल के रिकार्ड और एआरटीओ कार्यालय के मेडिकल प्रमाणपत्र से संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की। जांच में अस्पताल में सभी अभिलेख दुरुस्त पाए गए। 2816 प्रमाणपत्रों के अंतर आने की वजह एआरटीओ में जारी प्रमाणपत्र टनकपुर के अलावा बनबसा, चंपावत, लोहाघाट, खटीमा, नैनीताल, हल्द्वानी आदि से भी बने हैं।
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नगर पालिका के एक सदस्य ने मार्च 2014 से दिसंबर 2015 तक अस्पताल में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बने मेडिकल प्रमाणपत्र और टनकपुर एआरटीओ कार्यालय में मौजूद मेडिकल प्रमाण पत्रों की संख्या में अंतर के मद्देनजर जांच की मांग की थी। संयुक्त अस्पताल में 6680 और एआरटीओ कार्यालय में 9496 चिकित्सा प्रमाणपत्र थे। इस मामले की नवंबर 2017 और इस साल दो पूर्व एसीएमओ जांच कर चुके थे, लेकिन शिकायतकर्ता गिरीश वर्मा द्वारा तीसरी बार जांच की मांग की गई थी।
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निदेशक के आदेश के बाद चंपावत के सीएमओ डॉ.खंडूरी ने अस्पताल के रिकार्ड और एआरटीओ कार्यालय के मेडिकल प्रमाणपत्र से संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की। जांच में अस्पताल में सभी अभिलेख दुरुस्त पाए गए। 2816 प्रमाणपत्रों के अंतर आने की वजह एआरटीओ में जारी प्रमाणपत्र टनकपुर के अलावा बनबसा, चंपावत, लोहाघाट, खटीमा, नैनीताल, हल्द्वानी आदि से भी बने हैं।
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