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मलबा आने से ग्रामीण क्षेत्रों की 17 सड़कें बंद
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Wed, 12 Jul 2017 10:55 PM IST
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चंपावत मंच तामली मोटरमार्ग में आया मलवा।
- फोटो : अमर उजाला
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चंपावत। जिले में मौसम विभाग का भारी बारिश का पूर्वानुमान पूरी तरह से सही साबित हुआ। बुधवार तड़के से ही एक बार फिर से बारिश का क्रम शुरू हो गया। भारी बारिश के कारण मलबा आने से जिले की 17 ग्रामीण सड़कें बंद हुई हैं। सभी सड़कों को खोलने की कार्रवाई चल रही है। अलबत्ता एनएच यातायात के लिए खुला है। एनएच पर धौन के पास भूस्खलन का नया खतरनाक स्थल (डेंजर जोन) बन गया है। जहां पर रुक-रुक कर मलबा गिर रहा है।
इसके अलावा सीमांत मंच तामली मार्ग के शुरुआती हिस्से में स्वजल कार्यालय के पास मलबा आने से यातायात अवरुद्ध हो गया है। मलबा गिरने की सूचना पर लोक निर्माण विभाग की जेसीबी तत्काल मौके से मलबा हटाने के कार्य में जुट गई। इसके अलावा नदी-नालों के उफान पर आने से कई स्थानों पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, चमदेवल-जाखी-निडिल मार्ग पर पानी की निकासी के लिए नाली न होने से मार्ग के बरसाती पानी से आवासीय मकानों को खतरा बन गया है। इसके अलावा किसानों की उपजाऊ जमीन के बहने की आशंका भी बनी है।
चंपावत जिले की बंद सड़कें
गल्लागांव से देवलमाफी, बाराकोट से खोलासुनार, सिरतोली से मंगोली, छिलकाछीना से सिमलखेत, पटनगांव से पुनौली, गौड़ी से किमतोली, सूखीढ़ाग से डांडामीनार, ककरालीगेट से ठुलीगाड़, खटोली से मल्ली, धौन से सल्ली, मंच से नीड़, स्यांला से पोथ, बंतोली से दियारतोली, तिमलागूंठ से सिल्यूड़ीगूंठ, धूनाघाट से भिंगराड़ा, बाराकोट से सिमलखेत तथा रीठा से रमक।
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कहां कितनी बारिश हुई
चंपावत में 31 मिमी
लोहाघाट में 10 मिमी
पाटी में 4 मिमी
बनबसा में 32 मिमी
पल्सों में भूकटाव से स्कूल का आंगन बहा
चंपावत। पल्सों हाइस्कूल के नवनिर्मित भवन के आंगन में सुरक्षा दीवार न होने के कारण बीते दिनों से हो रही बारिश से स्कूल भवन का आंगन बह गया है। इससे भवन के गिरने की आशंका बन गई है। ग्राम प्रधान शांति देवी सहित कई ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर स्कूल में सुरक्षा दीवार बनाने की मांग उठाई है। ज्ञापन देने वालों में पुष्कर दत्त, लक्ष्मी दत्त जोशी, जय दत्त, शीशराम जोशी, रमेश चंद्र, धर्मानंद, बंधीधर, भुवन राम, दुर्गादत्त आदि ग्रामीण शामिल रहे।
इसके अलावा सीमांत मंच तामली मार्ग के शुरुआती हिस्से में स्वजल कार्यालय के पास मलबा आने से यातायात अवरुद्ध हो गया है। मलबा गिरने की सूचना पर लोक निर्माण विभाग की जेसीबी तत्काल मौके से मलबा हटाने के कार्य में जुट गई। इसके अलावा नदी-नालों के उफान पर आने से कई स्थानों पर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर, चमदेवल-जाखी-निडिल मार्ग पर पानी की निकासी के लिए नाली न होने से मार्ग के बरसाती पानी से आवासीय मकानों को खतरा बन गया है। इसके अलावा किसानों की उपजाऊ जमीन के बहने की आशंका भी बनी है।
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चंपावत जिले की बंद सड़कें
गल्लागांव से देवलमाफी, बाराकोट से खोलासुनार, सिरतोली से मंगोली, छिलकाछीना से सिमलखेत, पटनगांव से पुनौली, गौड़ी से किमतोली, सूखीढ़ाग से डांडामीनार, ककरालीगेट से ठुलीगाड़, खटोली से मल्ली, धौन से सल्ली, मंच से नीड़, स्यांला से पोथ, बंतोली से दियारतोली, तिमलागूंठ से सिल्यूड़ीगूंठ, धूनाघाट से भिंगराड़ा, बाराकोट से सिमलखेत तथा रीठा से रमक।
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कहां कितनी बारिश हुई
चंपावत में 31 मिमी
लोहाघाट में 10 मिमी
पाटी में 4 मिमी
बनबसा में 32 मिमी
पल्सों में भूकटाव से स्कूल का आंगन बहा
चंपावत। पल्सों हाइस्कूल के नवनिर्मित भवन के आंगन में सुरक्षा दीवार न होने के कारण बीते दिनों से हो रही बारिश से स्कूल भवन का आंगन बह गया है। इससे भवन के गिरने की आशंका बन गई है। ग्राम प्रधान शांति देवी सहित कई ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर स्कूल में सुरक्षा दीवार बनाने की मांग उठाई है। ज्ञापन देने वालों में पुष्कर दत्त, लक्ष्मी दत्त जोशी, जय दत्त, शीशराम जोशी, रमेश चंद्र, धर्मानंद, बंधीधर, भुवन राम, दुर्गादत्त आदि ग्रामीण शामिल रहे।