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खुले में शौच को विवश हैं ज्ञानखेड़ा के ग्रामीण
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टनकपुर (चंपावत)। ग्रामसभा ज्ञानखेड़ा के एक दर्जन अनुसूचित जाति वर्ग के परिवार खुले में शौच को विवश हैं। अब तक उन्हें शौचालय का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने इस संबंध में मंगलवार को तहसील पहुंचकर एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार पूनम पंत को सौंपा।
ज्ञानखेड़ा ग्रामसभा के अनुसूचित वर्ग के 12 परिवारों का कहना था कि केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य को भी खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन टनकपुर के ज्ञानखेड़ा ग्रामसभा में अब भी एक दर्जन परिवार खुले में शौच को जाने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों के अलावा महिलाओं और बालिकाओं को खुले में शौच में जाने से दिक्कत होती है।
ग्रामप्रधान द्वारा शौचालय निर्माण के लिए सरकारी इमदाद देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन दो वर्ष बाद भी उन्हें सरकार से कोई आर्थिक सहायता शौचालय निर्माण के लिए नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन से शौचालय का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की है। ज्ञापन में सरस्वती देवी, आरती देवी, रेनू देवी, कलावती देवी, मोहनी देवी, ममता देवी, ममता देवी, भवानी राम, प्रेमराम, लच्छी राम, गोविंद राम, नरी राम, दिनेश राम आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ज्ञानखेड़ा ग्रामसभा के अनुसूचित वर्ग के 12 परिवारों का कहना था कि केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य को भी खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन टनकपुर के ज्ञानखेड़ा ग्रामसभा में अब भी एक दर्जन परिवार खुले में शौच को जाने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों के अलावा महिलाओं और बालिकाओं को खुले में शौच में जाने से दिक्कत होती है।
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ग्रामप्रधान द्वारा शौचालय निर्माण के लिए सरकारी इमदाद देने का भरोसा दिलाया गया था, लेकिन दो वर्ष बाद भी उन्हें सरकार से कोई आर्थिक सहायता शौचालय निर्माण के लिए नहीं मिली है। उन्होंने प्रशासन से शौचालय का निर्माण शीघ्र कराने की मांग की है। ज्ञापन में सरस्वती देवी, आरती देवी, रेनू देवी, कलावती देवी, मोहनी देवी, ममता देवी, ममता देवी, भवानी राम, प्रेमराम, लच्छी राम, गोविंद राम, नरी राम, दिनेश राम आदि के हस्ताक्षर हैं।
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