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मतभेद जगजाहिर:...तो इस बार भाजपा जिलाध्यक्ष भी नदारद!
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:08 AM IST
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चंपावत। भाजपा सरकार में यह लगातार दूसरा वर्ष है, जब चंपावत की जिला योजना विधायकों की गैर मौजूदगी में पास हुई। सोमवार को चंपावत की 32.10 करोड़ रुपये की जिला योजना पास तो हुई, मगर एक बार फिर भाजपा के मतभेद को जग जाहिर कर गई। इस बार की बैठक में भाजपा के दोनों विधायक तो गैर हाजिर थे ही, पहली बार भाजपा के जिला प्रमुख भी बैठक से दूर रहे।
चंपावत जिले में प्रभारी मंत्री रेखा आर्या और विधायकों के बीच तालमेल की कमी लगातार रही हैै। प्रभारी मंत्री और लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल व चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी चंपावत जिले में हुए किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में एक साथ नहीं रहे। आखिरी बार दोनों विधायक व प्रभारी मंत्री 22 जून 2017 को जिला योजना की बैठक में साथ-साथ थे। मगर इस बैठक में 2017-18 की जिला योजना का अनुमोदन नहीं हो सका था। इसके बाद 23 अगस्त को हुई जिला योजना की बैठक में भी दोनों विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया। अलबत्ता तब 40.97 करोड़ रुपये की जिला योजना का प्रभारी मंत्री ने अनुमोदन किया था।
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इस साल 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के मौके पर हुए कार्यक्रम में भी दोनों विधायक गैर हाजिर रहे। कार्यक्रम में प्रोटोकॉल न मिलने से नाराज भाजपा जिलाध्यक्ष बीच कार्यक्रम से बाहर चले आए थे। अब सोमवार को 2018-19 की जिला योजना की बैठक में भी दोनों विधायक अनुपस्थित थे। इस बार न केवल विधायक ही गैर हाजिर थे, बल्कि भाजपा के जिलाध्यक्ष रामदत्त जोशी भी बैठक से दूर रहे। बताया जाता है कि पिछले साल 22 जून की जिला योजना की बैठक में जिला पंचायत को पांच करोड़ रुपये आवंटित करने से विवाद की शुरुआत हुई थी।
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बेशक ये प्रतिनिधि गैर मौजूदगी को महज इत्तफाक कहते हो, लेकिन राजनीतिक जानकारों का कहना है कि महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रमों में जिले के जन प्रतिनिधियों व संगठन के मुखिया का अनुपस्थित रहना इस बात की ओर संकेत करता है, कि प्रभारी मंत्री के साथ इन प्रतिनिधियों के रिश्तों में समन्वयक की कमी है।
कोट
विधायकों व प्रभारी मंत्री के बीच कोई टकराव नहीं है। भाजपा के दोनों विधायक क्षेत्र के कार्यों से राजधानी देहरादून गए हैं। और वे पत्नी के स्वास्थ्य की वजह से जिले से बाहर हैं। इसी के चलते वे प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक में शिरकत नहीं कर सके।-रामदत्त जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष, चंपावत।
कोट
दोनों विधायकों का मुझ पर पूरा भरोसा है। उनका जिला योजना की बैठक और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूद नहीं रहना महज संयोग है। जिला योजना के चयन में उनकी राय को महत्व दिया गया है। -रेखा आर्या, जिले की प्रभारी मंत्री, चंपावत।