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बारिश के बाद भी चंपावत में पेयजल संकट बरकरार
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जिले में एक दिन पूर्व हुई झमाझम बारिश के बाद भी लोगों को पेयजल संकट से राहत नहीं मिल पाई है। नगर और उससे लगे क्षेत्रों में अब भी लोग जल संस्थान के टैंकरों का इंतजार कर रहे हैं। छतार, कनलगांव और मल्लीहाट में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। इधर दूरस्थ के ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति पहले की तरह बनी हुई है।
नगर के कई हिस्सों में सोमवार को भी नलों से पानी नहीं आया। रविवार को हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पेयजल की समस्या से कुछ हद तक राहत मिलेगी लेकिन नलों में पानी नहीं आया। कलनगांव क्षेत्र में लोग सुबह से ही जल संस्थान के टैंकरों का इंतजार करते रहे। टैंकरों के पहुंचने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
मल्लीहाट में लोग नलों के नीचे बर्तन लगाकर पानी के इंतजार में घंटों बैठे रहे। कुछ समय के लिए नलों से पानी भी निकला लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। इधर सीमांत के तामली और मंच में स्थित पहले जैसी बनी हुई है।
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क्षेत्र के मनोज जोशी, विनोद जोशी आदि ने बताया कि सोमवार को भी लोगों को धारों-नौलों की दौड़ लगानी पड़ी। छतार क्षेत्र में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। यहां दोषपूर्ण वितरण व्यवस्था के कारण कई उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल पा रहा है। नागरिकों ने छतार में भी पेयजल टैंकरों से पानी आपूर्ति किए जाने की मांग उठाई है।
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नगर के कई हिस्सों में सोमवार को भी नलों से पानी नहीं आया। रविवार को हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को उम्मीद थी कि पेयजल की समस्या से कुछ हद तक राहत मिलेगी लेकिन नलों में पानी नहीं आया। कलनगांव क्षेत्र में लोग सुबह से ही जल संस्थान के टैंकरों का इंतजार करते रहे। टैंकरों के पहुंचने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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मल्लीहाट में लोग नलों के नीचे बर्तन लगाकर पानी के इंतजार में घंटों बैठे रहे। कुछ समय के लिए नलों से पानी भी निकला लेकिन वह नाकाफी साबित हुआ। इधर सीमांत के तामली और मंच में स्थित पहले जैसी बनी हुई है।
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क्षेत्र के मनोज जोशी, विनोद जोशी आदि ने बताया कि सोमवार को भी लोगों को धारों-नौलों की दौड़ लगानी पड़ी। छतार क्षेत्र में भी पेयजल संकट गहराया हुआ है। यहां दोषपूर्ण वितरण व्यवस्था के कारण कई उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल पा रहा है। नागरिकों ने छतार में भी पेयजल टैंकरों से पानी आपूर्ति किए जाने की मांग उठाई है।