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मानसिक तौर पर स्वस्थ्य रहने के लिए व्यावहारिक होना जरूरी
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:31 PM IST
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चंपावत। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने कहा है कि मानसिक तौर पर स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति को सामाजिक तथा व्यावहारिक होना आवश्यक है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला अस्पताल में आयोजित गोष्ठी में डॉक्टरों को व्याख्यान देते हुए डीएम ने मानव जीवन की अवस्थाओं बचपन, किशोरावस्था, जवानी एवं बुढ़ापा आदि में मानसिक तनाव उत्पन्न होने के कारणों पर जानकारी दी। कहा कि मानसिक रूप से पीड़ित व्यक्ति के प्रति नकारात्मक सोच व गलतफहमी है कि मानसिक रोगी समाज के लिए हिंसक व खतरनाक होता है। हमें इस प्रवृत्ति को दूर करते हुए पीड़ित व्यक्ति का मनोवैज्ञानिक व सामाजिक दोनों पद्धतियां अपनाते हुए उनका इलाज करना चाहिए।
डीएम ने इस वर्ष के शीर्षक कार्यालय स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य विषय पर बोलते हुए कहा कि कार्यालय स्थल पर वही व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है, जो अपने कार्यों का निष्पादन पूरी ईमानदारी एवं दक्षता के साथ समय पर करता है। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत, सीएमएस डॉ. आरके जोशी, डॉ. आरपी खंडूरी, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर गौरव पांडेय आदि ने भी विचार रखे। गोष्ठी का संचालन हेम बहुगुणा ने किया। वहां डॉ. इंद्रजीत पांडेय, डॉ. श्वेता खर्कवाल, डॉ. एचसी त्रिपाठी, डॉ. एचएस ऐरी, डॉ. उदय शंकर, डॉ. जीबी बिष्ट सहित चिकित्सालय स्टॉफ आदि उपस्थित था। ब्यूरो
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डीएम ने इस वर्ष के शीर्षक कार्यालय स्थल पर मानसिक स्वास्थ्य विषय पर बोलते हुए कहा कि कार्यालय स्थल पर वही व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकता है, जो अपने कार्यों का निष्पादन पूरी ईमानदारी एवं दक्षता के साथ समय पर करता है। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत, सीएमएस डॉ. आरके जोशी, डॉ. आरपी खंडूरी, डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर गौरव पांडेय आदि ने भी विचार रखे। गोष्ठी का संचालन हेम बहुगुणा ने किया। वहां डॉ. इंद्रजीत पांडेय, डॉ. श्वेता खर्कवाल, डॉ. एचसी त्रिपाठी, डॉ. एचएस ऐरी, डॉ. उदय शंकर, डॉ. जीबी बिष्ट सहित चिकित्सालय स्टॉफ आदि उपस्थित था। ब्यूरो
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