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स्कूलों को चार श्रेणियों में विभाजित किया
Updated Wed, 14 Jun 2017 11:11 PM IST
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स्कूलों को चार श्रेणियों में विभाजित किया
चंपावत। जिले में सभी स्कूलों के कोटिकरण की श्रेणी के पुनरीक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पुरोहित के अनुसार शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2008 में किए गए कोटिकरण को एजुकेशन पोर्टल में दर्ज कर लिया गया है। जिसके आधार पर स्कूलों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
इनमें शहरी या अति सुगम के स्कूलों को बी, सुगम को सी, दुर्गम को ई और अति दुर्गम को एफ श्रेणी में रखा गया है। सीईओ ने बताया कि शिक्षक अपनी आईडी और पासवर्ड के माध्यम से कोटिकरण का अपनी सेवा से मिलान कर सकते हैं। इसमें किसी भी प्रकार से त्रुटि होने पर तत्काल इसमें सुधार करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों को वर्ष 2008 के कोटिकरण के संबंध में कोई आपत्ति हो तो वह उचित साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि माध्यमिक स्कूल खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से और प्राथमिक स्कूल उप शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अपनी आपत्ति तत्काल प्रस्तुत करें। उन्होंने इस संबंध में सभी खंड शिक्षा और उप खंड शिक्षाधिकारियों को दिशा निर्देश भी जारी किए हैं।
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चंपावत। जिले में सभी स्कूलों के कोटिकरण की श्रेणी के पुनरीक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र पुरोहित के अनुसार शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2008 में किए गए कोटिकरण को एजुकेशन पोर्टल में दर्ज कर लिया गया है। जिसके आधार पर स्कूलों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
इनमें शहरी या अति सुगम के स्कूलों को बी, सुगम को सी, दुर्गम को ई और अति दुर्गम को एफ श्रेणी में रखा गया है। सीईओ ने बताया कि शिक्षक अपनी आईडी और पासवर्ड के माध्यम से कोटिकरण का अपनी सेवा से मिलान कर सकते हैं। इसमें किसी भी प्रकार से त्रुटि होने पर तत्काल इसमें सुधार करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों को वर्ष 2008 के कोटिकरण के संबंध में कोई आपत्ति हो तो वह उचित साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि माध्यमिक स्कूल खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से और प्राथमिक स्कूल उप शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अपनी आपत्ति तत्काल प्रस्तुत करें। उन्होंने इस संबंध में सभी खंड शिक्षा और उप खंड शिक्षाधिकारियों को दिशा निर्देश भी जारी किए हैं।
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