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चैकुनीबोरा में 14वीं सदी का नौला खोजा
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चंपावत के चैकुनी बोरा गांव में युवाओं की ओर से खोजा गया जलकुंड।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। चंपावत शहर से पांच किमी दूर चैकुनीबोरा गांव में दशकों से मिट्टी में दबा नौला (जलकुंड) कुछ युवकों ने खोज निकाला। शिव मंदिर से करीब 150 मीटर दूर मिला यह नौला चंद राजवंश की ओर से निर्मित बताया गया है। इस नौले से प्राचीन समय में शिव मंदिर में जलाभिषेक किया जाता था। 35 युवाओं ने रविवार को आठ घंटे की कड़ी मेहनत से मिट्टी में दबे इस नौले को खोज निकाला।
चैकुनीबोरा का शिव मंदिर पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित है। गांव के लोग नियमित रूप से इस मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान करते थे। बुजुर्ग हयात सिंह और दिवान सिंह अक्सर मंदिर के पास कभी नौला होने की बात अक्सर कहा करते थे। पूर्व ग्राम प्रधान महेश सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले यहां लगे जागर में देवडांगर ने एक पीड़ित व्यक्ति से मिट्टी में दबे नौले से जलाभिषेक करने की बात कही। इसके बाद उत्सुक युवाओं ने नौले की तलाश में 150 मीटर दूर खुदाई की और करीब दो मीटर मिट्टी के नीचे रविवार को नौला खोज निकाला। ग्रामीणों ने व्यापक स्तर पर उत्खनन होने पर नौले से जुड़े अन्य अवशेषों के मिलने की पर्याप्त संभावना है।
कोट
चैकुनीबोरा के शिव मंदिर की दीवार में चंद राजा अभयचंद के शाके 1298 (वर्ष 1376) में नौ पंक्तियों के अभिलेख भी है। इस मंदिर के धार्मिक प्रयोजन और अनुष्ठान आदि के लिए इसी पवित्र नौले के जल का प्रयोग होता था। जो लघु देवालय के आकार में सुंदर तरीके से मंदिर के निकट बना है।
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डॉ. प्रशांत जोशी,
नौले की खोज में मुख्य रूप से इन युवाओं ने सहयोग किया
चैकुनीगांव में मिले इस नौले की खोज में मदन सिंह, दीपक, अनिल सागर, चतुर सिंह, मनीष सिंह, भीम सिंह, शेर सिंह, हेत सिंह, मान सिंह आदि ग्रामीणों ने सहयोग दिया। संवाद
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चैकुनीबोरा का शिव मंदिर पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित है। गांव के लोग नियमित रूप से इस मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान करते थे। बुजुर्ग हयात सिंह और दिवान सिंह अक्सर मंदिर के पास कभी नौला होने की बात अक्सर कहा करते थे। पूर्व ग्राम प्रधान महेश सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले यहां लगे जागर में देवडांगर ने एक पीड़ित व्यक्ति से मिट्टी में दबे नौले से जलाभिषेक करने की बात कही। इसके बाद उत्सुक युवाओं ने नौले की तलाश में 150 मीटर दूर खुदाई की और करीब दो मीटर मिट्टी के नीचे रविवार को नौला खोज निकाला। ग्रामीणों ने व्यापक स्तर पर उत्खनन होने पर नौले से जुड़े अन्य अवशेषों के मिलने की पर्याप्त संभावना है।
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कोट
चैकुनीबोरा के शिव मंदिर की दीवार में चंद राजा अभयचंद के शाके 1298 (वर्ष 1376) में नौ पंक्तियों के अभिलेख भी है। इस मंदिर के धार्मिक प्रयोजन और अनुष्ठान आदि के लिए इसी पवित्र नौले के जल का प्रयोग होता था। जो लघु देवालय के आकार में सुंदर तरीके से मंदिर के निकट बना है।
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डॉ. प्रशांत जोशी,
नौले की खोज में मुख्य रूप से इन युवाओं ने सहयोग किया
चैकुनीगांव में मिले इस नौले की खोज में मदन सिंह, दीपक, अनिल सागर, चतुर सिंह, मनीष सिंह, भीम सिंह, शेर सिंह, हेत सिंह, मान सिंह आदि ग्रामीणों ने सहयोग दिया। संवाद