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...यहां कूड़ा फेंकना सख्त मना है!
Updated Sun, 04 Jun 2017 11:11 PM IST
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...यहां कूड़ा फेंकना सख्त मना है!
चंपावत। यहां कूड़ा फेंकना सख्त मना है। कूड़ा फेंकने पर 5000 रुपये जुर्माना अथवा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका की ओर से ये आदेश पर्यटक आवास गृह से सटे इलाके में लगाया गया है। पर कार्यवाही के इस साइन बोर्ड के ठीक नीचे कूड़े का अंबार है। और पालिका न यहां से वक्त पर कूड़ा उठा रही है और नहीं कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई कर पा रही है।
नगर पालिका खुद के बनाए नियमों को अमली जामा नहीं पहना पा रही है। कूड़ा न फेंकने और कूड़ा फेंकने पर कार्रवाई की चेतावनी वाले साइनबोर्ड जिला मुख्यालय के नगर क्षेत्र में टीआरसी, जीआईसी, मांदली, बीआरसी कार्यालय, नागनाथ मंदिर सहित कुल 11 जगहों पर लगे हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश जगहों में कूड़ा फेंका जा रहा है। न लोग कूड़ा फेंकने से बाज आ रहे हैं और नहीं पालिका नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई कर पा रही है। नतीजा यह हो रहा है कि यहां से गुजरने वाले कूड़े के ढे़रों से उफनती दुर्गंध से परेशान है।
बावजूद इसके लोग इन सबसे बेफिक्र होकर कूड़ा डाल रहे हैं। लेकिन पालिका भी सिवाय चेतावनी देने के कुछ नहीं कर पा रही है। पालिका अब तक प्रतिबंधित क्षेत्र में कूड़ा डालने वाले किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना नहीं लगा सकी है। जिससे कूड़ा फेंकने वालों को कोई डर भी नहीं है। लोगों का यह रवैया और पालिका की लापरवाही शहर की सुंदरता पर बट्टा लगा रही है।
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शहर का कूड़ा सड़क किनारे
चंपावत-खेतीखान मोटर मार्ग से बमुश्किल तीन किलोमीटर की दूरी पर चंपावत शहर का कूड़ा फेंका जा रहा है। कायदे से कूड़ा रोड किनारे खाई में फेंका जाना चाहिए, लेकिन काफी कूड़ा सड़क के किनारे ही गिर रहा है। इसमें बड़ी मात्रा में पॉलीथिन और प्लास्टिक भी है। पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि पालिका के पास ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होने से फिलहाल कूड़ा खेतीखान रोड के पास खाई में फेंका जा रहा है। हो सकता है कि कूड़ा नीचे फेंकते वक्त कुछ कूड़ा रोड किनारे रह जा रहा है। सफाई कर्मियों को सावधानी से कूड़ा फेंकने की हिदायत दी जा रही है। ईओ ने कहा कि पालिका ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन को हस्तांतरण का प्रयास कर रही है।
कोट............
प्रतिबंधित क्षेत्रों में कूड़ा डालने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। स्टाफ की कमी इसके क्रियान्वयन में बाधक बन रही है। सफाई निरीक्षक का पद भी लंबे समय से खाली है। इसी के चलते फिलहाल पालिका अभी तक कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना भी नहीं लगा सकी है। अलबत्ता अब प्रतिबंधित क्षेत्र में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभिनव कुमार,
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, चंपावत
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चंपावत। यहां कूड़ा फेंकना सख्त मना है। कूड़ा फेंकने पर 5000 रुपये जुर्माना अथवा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका की ओर से ये आदेश पर्यटक आवास गृह से सटे इलाके में लगाया गया है। पर कार्यवाही के इस साइन बोर्ड के ठीक नीचे कूड़े का अंबार है। और पालिका न यहां से वक्त पर कूड़ा उठा रही है और नहीं कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई कर पा रही है।
नगर पालिका खुद के बनाए नियमों को अमली जामा नहीं पहना पा रही है। कूड़ा न फेंकने और कूड़ा फेंकने पर कार्रवाई की चेतावनी वाले साइनबोर्ड जिला मुख्यालय के नगर क्षेत्र में टीआरसी, जीआईसी, मांदली, बीआरसी कार्यालय, नागनाथ मंदिर सहित कुल 11 जगहों पर लगे हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश जगहों में कूड़ा फेंका जा रहा है। न लोग कूड़ा फेंकने से बाज आ रहे हैं और नहीं पालिका नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई कर पा रही है। नतीजा यह हो रहा है कि यहां से गुजरने वाले कूड़े के ढे़रों से उफनती दुर्गंध से परेशान है।
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बावजूद इसके लोग इन सबसे बेफिक्र होकर कूड़ा डाल रहे हैं। लेकिन पालिका भी सिवाय चेतावनी देने के कुछ नहीं कर पा रही है। पालिका अब तक प्रतिबंधित क्षेत्र में कूड़ा डालने वाले किसी भी व्यक्ति पर जुर्माना नहीं लगा सकी है। जिससे कूड़ा फेंकने वालों को कोई डर भी नहीं है। लोगों का यह रवैया और पालिका की लापरवाही शहर की सुंदरता पर बट्टा लगा रही है।
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शहर का कूड़ा सड़क किनारे
चंपावत-खेतीखान मोटर मार्ग से बमुश्किल तीन किलोमीटर की दूरी पर चंपावत शहर का कूड़ा फेंका जा रहा है। कायदे से कूड़ा रोड किनारे खाई में फेंका जाना चाहिए, लेकिन काफी कूड़ा सड़क के किनारे ही गिर रहा है। इसमें बड़ी मात्रा में पॉलीथिन और प्लास्टिक भी है। पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि पालिका के पास ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं होने से फिलहाल कूड़ा खेतीखान रोड के पास खाई में फेंका जा रहा है। हो सकता है कि कूड़ा नीचे फेंकते वक्त कुछ कूड़ा रोड किनारे रह जा रहा है। सफाई कर्मियों को सावधानी से कूड़ा फेंकने की हिदायत दी जा रही है। ईओ ने कहा कि पालिका ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन को हस्तांतरण का प्रयास कर रही है।
कोट............
प्रतिबंधित क्षेत्रों में कूड़ा डालने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है। स्टाफ की कमी इसके क्रियान्वयन में बाधक बन रही है। सफाई निरीक्षक का पद भी लंबे समय से खाली है। इसी के चलते फिलहाल पालिका अभी तक कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना भी नहीं लगा सकी है। अलबत्ता अब प्रतिबंधित क्षेत्र में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभिनव कुमार,
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, चंपावत