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पूर्णागिरि धाम में पेयजल संकट बरकरार
Updated Wed, 21 Mar 2018 11:08 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
मां पूर्णागिरि धाम में पिछले चौबीस घंटों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की। बुधवार को मुख्य मंदिर, काली मंदिर और सिद्धमोड़ तक पेयजल संकट रहा। क्षतिग्रस्त ठुंगागाड़ पेयजल योजना को दुरुस्त कर दिया गया है, जबकि भवानी गाड़ पेयजल योजना को दुरुस्त किया जा रहा है।
नवरात्र पर मां पूर्णागिरि धाम में यूपी के दूरदराज से श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है। वहीं, जलसंस्थान के जेई बीएस कुवार्बी ने बताया कि ट्यूबवेल की फुंकी मोटर को दुरुस्त कर दिया गया है। बताया कि भवानी गाड़ पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से मुख्य मंदिर, काली मंदिर और सिद्धमोड़ में पेयजल संकट पैदा हो गया था, जिसे दूर करने का कार्य जोरों पर चल रहा है। उधर, मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मंदिर समिति के अलावा धर्मशाला स्वामियों ने भी मंदिर को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व्यवस्था जुटाई है।
मां पूर्णागिरि धाम में पिछले चौबीस घंटों में 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की। बुधवार को मुख्य मंदिर, काली मंदिर और सिद्धमोड़ तक पेयजल संकट रहा। क्षतिग्रस्त ठुंगागाड़ पेयजल योजना को दुरुस्त कर दिया गया है, जबकि भवानी गाड़ पेयजल योजना को दुरुस्त किया जा रहा है।
नवरात्र पर मां पूर्णागिरि धाम में यूपी के दूरदराज से श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है। वहीं, जलसंस्थान के जेई बीएस कुवार्बी ने बताया कि ट्यूबवेल की फुंकी मोटर को दुरुस्त कर दिया गया है। बताया कि भवानी गाड़ पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से मुख्य मंदिर, काली मंदिर और सिद्धमोड़ में पेयजल संकट पैदा हो गया था, जिसे दूर करने का कार्य जोरों पर चल रहा है। उधर, मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मंदिर समिति के अलावा धर्मशाला स्वामियों ने भी मंदिर को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व्यवस्था जुटाई है।
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