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कोर्ट के फैसले के बाद पटाखे न जलाने का लिया संकल्प
Updated Wed, 18 Oct 2017 10:11 PM IST
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चंपावत। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली एनसीआर में दीवाली के दौरान पटाखों की बिक्री न किए जाने के फैसले के बाद जहां लोगों की तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कालेज चंपावत में कक्षा 11 वीं में अध्ययनरत कमलेश बोहरा ने नायाब मिसाल पेश की है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित होकर दीवाली में पटाखे नहीं जलाने का संकल्प लिया है। अमर उजाला कार्यालय पहुंचे कमलेश बोहरा ने बताया कि वह कोर्ट के फैसले से प्रभावित होकर दीवाली में कभी भी आतिशबाजी नहीं करेंगे। पटाखे न चलाने संबंधी संकल्प लेने के साथ ही वह नई पीढ़ी को संदेश देना चाहते हैं कि पटाखों में लाखों, करोड़ों रुपये बर्बाद न कर उस पैसें का सही इस्तेमाल करने एवं किसी असहाय बच्चों और बुजुर्गों को दान करें। कमलेश अन्य बच्चों को भी दीवाली में पटाखे न चलाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रभावित होकर दीवाली में पटाखे नहीं जलाने का संकल्प लिया है। अमर उजाला कार्यालय पहुंचे कमलेश बोहरा ने बताया कि वह कोर्ट के फैसले से प्रभावित होकर दीवाली में कभी भी आतिशबाजी नहीं करेंगे। पटाखे न चलाने संबंधी संकल्प लेने के साथ ही वह नई पीढ़ी को संदेश देना चाहते हैं कि पटाखों में लाखों, करोड़ों रुपये बर्बाद न कर उस पैसें का सही इस्तेमाल करने एवं किसी असहाय बच्चों और बुजुर्गों को दान करें। कमलेश अन्य बच्चों को भी दीवाली में पटाखे न चलाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।
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