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सीमांत के मड़ पसोली में बनेगा आवारा गायों के लिए गौशाला
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चंपावत। जिले के सीमांत गांव मड़ पसोली में लावारिस गायों के रहने के लिए जल्द ही गोशाला का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पशु पालन विभाग को 7.54 लाख रुपये की धनराशि मिल चुकी है। जल्द ही गोशाला निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
मड़ पसोली में गोशाला बनने के बाद लगभग 50 से अधिक गायों को गोशाला में रखा जाएगा। पशु पालन विभाग ने करीब महीने पहले शासन को इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा था। गोशाला बनने के बाद जगह-जगह छोड़े हुए पशुओं को रखा जाएगा। बताते चलें कि पशुपालकों की ओर से अधिक मवेशी होने पर अनुपयोगी मवेशियों को जंगलों में छोड़ दिया जाता है।
जो आबादी वाले इलाकों में पहुंचकर किसानों की खेती को नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन अब मड़ पसोली में गोशाला निर्माण होने के बाद आवारा पशुओं को रखा जाएगा। सीमांत गांव मड़ पसोली में आवारा पशुओं के रहने के लिए अब गौशाला का निर्माण किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पीएस जंगपांगी का कहना है कि गोशाला निर्माण के लिए पशु पालन विभाग को 7.54 लाख की धनराशि मिल चुकी है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू किया जाएगा।
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सड़क पर हो जाती है कई पशुओं की मौत
चंपावत। हाईवे पर छोड़े गए पशुओं की कई बार वाहनों की चपेट में आने से मौत हो जाती है या वह घायल हो जाते हैं। जंगलों में छोड़े गए पशुओं की ठंड के चलते भी मौत हो जाती है।
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मड़ पसोली में गोशाला बनने के बाद लगभग 50 से अधिक गायों को गोशाला में रखा जाएगा। पशु पालन विभाग ने करीब महीने पहले शासन को इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा था। गोशाला बनने के बाद जगह-जगह छोड़े हुए पशुओं को रखा जाएगा। बताते चलें कि पशुपालकों की ओर से अधिक मवेशी होने पर अनुपयोगी मवेशियों को जंगलों में छोड़ दिया जाता है।
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जो आबादी वाले इलाकों में पहुंचकर किसानों की खेती को नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन अब मड़ पसोली में गोशाला निर्माण होने के बाद आवारा पशुओं को रखा जाएगा। सीमांत गांव मड़ पसोली में आवारा पशुओं के रहने के लिए अब गौशाला का निर्माण किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पीएस जंगपांगी का कहना है कि गोशाला निर्माण के लिए पशु पालन विभाग को 7.54 लाख की धनराशि मिल चुकी है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू किया जाएगा।
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सड़क पर हो जाती है कई पशुओं की मौत
चंपावत। हाईवे पर छोड़े गए पशुओं की कई बार वाहनों की चपेट में आने से मौत हो जाती है या वह घायल हो जाते हैं। जंगलों में छोड़े गए पशुओं की ठंड के चलते भी मौत हो जाती है।