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केरोसिन के बगैर चूल्हे पर संकट
Updated Sat, 06 Jan 2018 11:02 PM IST
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चंपावत। जय दत्त, भवानी राम सहित सैकड़ों ऐसे लोग हैं, जिन्हें चूल्हा जलाने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। केरोसिन की कमी से सैकड़ों ग्रामीणों को रसोई जलाने के लिए पर परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसकी वजह लोगों को लंबे समय से केरोसिन नहीं मिलना है।
चंपावत जिले के डांडा, ककनई, वैला, खटोली, पचनई, बड़ोली सहित अनेकों ग्रामीण हिस्सों में लोगों के लिए चूल्हा जलाने का अकेला आसरा केरोसिन है। लेकिन अक्तूबर से अब तक केरोसिन नहीं मिलने से यहां के कई हजार ग्रामीणों को चूल्हा जलाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास न तो रसोई गैस कनेक्शन है और नहीं केरोसिन मिल पा रहा है। ऐसे में उनके पास भोजन बनाने के लिए जंगल से लकड़ी लाने की मजबूरी है। नागरिकों ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के जरिए जल्द से जल्द केरोसिन उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में पूर्ति विभाग को पत्र भेजा गया है।
चंपावत जिले में 57171 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें से करीब 21 हजार कार्डधारकों के पास रसोई गैस कनेक्शन नहीं है। इन कार्ड धारकों को प्रति कार्ड दो लीटर केरोसिन दिया जाता है। जिले का केरोसिन का मासिक कोटा 59 किलोलीटर है।
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15 जनवरी तक होगा केरोसिन वितरण
चंपावत जिले में अक्तूबर और नवंबर माह का केरोसिन नहीं मिला है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर का कोटा आवंटित कर दिया गया है। और धीरे-धीरे केरोसिन की आमद हो रही है। 15 जनवरी तक केरोसिन का वितरण कर दिया जाएगा।
चंपावत जिले के डांडा, ककनई, वैला, खटोली, पचनई, बड़ोली सहित अनेकों ग्रामीण हिस्सों में लोगों के लिए चूल्हा जलाने का अकेला आसरा केरोसिन है। लेकिन अक्तूबर से अब तक केरोसिन नहीं मिलने से यहां के कई हजार ग्रामीणों को चूल्हा जलाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास न तो रसोई गैस कनेक्शन है और नहीं केरोसिन मिल पा रहा है। ऐसे में उनके पास भोजन बनाने के लिए जंगल से लकड़ी लाने की मजबूरी है। नागरिकों ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के जरिए जल्द से जल्द केरोसिन उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में पूर्ति विभाग को पत्र भेजा गया है।
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चंपावत जिले में 57171 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें से करीब 21 हजार कार्डधारकों के पास रसोई गैस कनेक्शन नहीं है। इन कार्ड धारकों को प्रति कार्ड दो लीटर केरोसिन दिया जाता है। जिले का केरोसिन का मासिक कोटा 59 किलोलीटर है।
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15 जनवरी तक होगा केरोसिन वितरण
चंपावत जिले में अक्तूबर और नवंबर माह का केरोसिन नहीं मिला है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि दिसंबर का कोटा आवंटित कर दिया गया है। और धीरे-धीरे केरोसिन की आमद हो रही है। 15 जनवरी तक केरोसिन का वितरण कर दिया जाएगा।