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गांवों को नगरपालिका में शामिल किए जाने का विरोध
Updated Wed, 04 Oct 2017 11:11 PM IST
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बनबसा (चंपावत)। पूर्व सैनिक कल्याण समिति की बैठक में टनकपुर के ग्रामीण क्षेत्रों को नगरपालिका में शामिल करने की योजना का विरोध किया गया। कहा गया कि नगरपालिका में शामिल करने से ऐतिहासिक गांवों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा और ग्रामीणों को कर की मार झोलनी पड़ेगी।
पूर्व सैनिक कल्याण समिति बनबसा-टनकपुर की बैठक में टनकपुर पालिका का विस्तार कर ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करने का विरोध किया गया। कहा गया कि नगरपालिका आय बढ़ाने को ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तार करने की योजना बना रही है, जो गलत है। नगरपालिका की इस योजना से जहां ग्रामीण क्षेत्रों का अस्तित्व समाप्त होगा, वहीं निर्धन ग्रामीणों पर कर का अतिरिक्त भार पड़ेगा। उन्होंने उक्त फैसले को वापस नहीं लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद की अध्यक्षता एवं पुष्कर कापड़ी के संचालन में हुई बैठक में कै. हरीश कापड़ी, बुद्दीबल्लभ पांडेय, केएन सुमतेड़ी, चंद्रशेखर चंद आदि मौजूद थे।
पूर्व सैनिक कल्याण समिति बनबसा-टनकपुर की बैठक में टनकपुर पालिका का विस्तार कर ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल करने का विरोध किया गया। कहा गया कि नगरपालिका आय बढ़ाने को ग्रामीण क्षेत्रों का विस्तार करने की योजना बना रही है, जो गलत है। नगरपालिका की इस योजना से जहां ग्रामीण क्षेत्रों का अस्तित्व समाप्त होगा, वहीं निर्धन ग्रामीणों पर कर का अतिरिक्त भार पड़ेगा। उन्होंने उक्त फैसले को वापस नहीं लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। समिति अध्यक्ष कै. भानी चंद की अध्यक्षता एवं पुष्कर कापड़ी के संचालन में हुई बैठक में कै. हरीश कापड़ी, बुद्दीबल्लभ पांडेय, केएन सुमतेड़ी, चंद्रशेखर चंद आदि मौजूद थे।
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