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सुप्रिम कोर्ट के आदेश के खिलाफ न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता
Updated Mon, 17 Sep 2018 11:45 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने, हड़ताल की आजादी पर लगाए प्रतिबंध के आदेश के विरोध में सोमवार को स्थानीय अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। इससे सिविल न्यायालय के साथ ही तहसील कार्यालय में कानून संबंधी कामकाज ठप रहा।
अधिवक्ताओं ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध जताया जा रहा है। उन्होंने आदेश को अधिवक्ताओं की आजादी का हनन बताते हुए रद्द किए जाने की मांग उठाई है। वहां श्री पूर्णागिरि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकर दत्त गड़कोटी, सचिव विजय शुक्ला, उमेश डुंगरिया, एलडी गहतोड़ी, मोहन चंद रजवार, नईम अहमद, केके खर्कवाल, दीप चंद्र जोशी आदि अधिवक्ता मौजूद थे।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के आह्वान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का विरोध जताया जा रहा है। उन्होंने आदेश को अधिवक्ताओं की आजादी का हनन बताते हुए रद्द किए जाने की मांग उठाई है। वहां श्री पूर्णागिरि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकर दत्त गड़कोटी, सचिव विजय शुक्ला, उमेश डुंगरिया, एलडी गहतोड़ी, मोहन चंद रजवार, नईम अहमद, केके खर्कवाल, दीप चंद्र जोशी आदि अधिवक्ता मौजूद थे।
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