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स्कूलों को किसी भी दबाव में दुर्गम घोषित न करें
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:12 PM IST
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चंपावत। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा है कि आसानी से पहुंच वाले स्कूलों को अधिकारी किसी भी दबाव में दुर्गम घोषित न करें। शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों से रूबरू हुए शिक्षा मंत्री ने कहा जिलाधिकारी आसानी से पहुंच वाले स्कूलों को बिना किसी दबाव के दुर्गम की परिभाषा से अलग करें। उन्होंने कहा कि विकासखंड का कोई स्कूल दुर्गम क्षेत्र में हो तो पूरे विकासखंड को ही दुर्गम घोषित न करें। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण नीति के तहत दुर्गम एवं सुगम का निर्धारण करते समय स्कूल की सड़क मार्ग से दूरी, सड़क की स्थिति, अस्पताल एवं अन्य सुविधाओं सहित सभी पहलुओं का ध्यान रखें।
उन्होंने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कहा कि पुस्तकों की स्कूलों में पहुंच से गरीब के पाल्यों को राहत मिलने के साथ पढ़ाई में एकरूपता मिलेगी। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने कहा कि सभी अधिकारियों को जिम्मेदारियां देकर स्कूलों में पुस्तकों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि सुगम-दुर्गम के निर्धारण में मानकों का पूरा ध्यान रखने के साथ सभी पहलुओं को भी संज्ञान में लिया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डीएस राजपूत, खंड शिक्षा अधिकारी महावीर सिंह, अंशुल बिष्ट, हरेंद्र शाह, एके मिश्रा, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कहा कि पुस्तकों की स्कूलों में पहुंच से गरीब के पाल्यों को राहत मिलने के साथ पढ़ाई में एकरूपता मिलेगी। एडीएम हेमंत कुमार वर्मा ने कहा कि सभी अधिकारियों को जिम्मेदारियां देकर स्कूलों में पुस्तकों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि सुगम-दुर्गम के निर्धारण में मानकों का पूरा ध्यान रखने के साथ सभी पहलुओं को भी संज्ञान में लिया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डीएस राजपूत, खंड शिक्षा अधिकारी महावीर सिंह, अंशुल बिष्ट, हरेंद्र शाह, एके मिश्रा, आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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