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तालाब बना टनकपुर बस स्टेशन का प्रांगण, यात्री परेशान
Updated Sat, 19 Aug 2017 11:16 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)।
रोडवेज बस स्टेशन के प्रांगण में जगह-जगह गड्ढे और जलभराव के कारण यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन रोडवेज प्रबंधन को यात्रियों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। क्षेत्रीय विधायक के निर्देशों का भी रोडवेज प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ा। ढाई माह पहले प्रांगण की दशा सुधारने के निर्देश दिए जाने के बाद भी हाल जस के तस बने हैं।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय मुख्यालय के साथ ही रोडवेज का स्थानीय बस स्टेशन पहाड़ी और मैदानी रूट के यात्रियों का मुख्य पड़ाव है। रोजाना हजारों की संख्या में यात्री पहाड़ और मैदानी रूट की यात्रा के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन निगम को अच्छी खासी आय देने वाले इस स्टेशन के हाल बदहाल हैं। यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया होना तो दूर विश्राम तक की व्यवस्था सही नहीं है। स्टेशन के जीर्ण-क्षीर्ण हो चुके प्रांगण (फर्श) के हाल यह है कि बरसात के कारण इन दिनों यात्री स्टेशन के अंदर जाने के बजाय बाहर सड़क पर खड़े रहकर ही बस का इंतजार करते हैं। स्टेशन प्रांगण में बने बड़े-बड़े गड्ढों में इन दिनों बारिश का पानी भरने से तालाब बना है। करीब ढाई माह पहले 28 जून को बस स्टेशन के निरीक्षण के दौरान विधायक कैलाश गहतोड़ी ने प्रबंधन को क्षतिग्रस्त स्टेशन प्रांगण को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निगम प्रबंधन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इन ढाई माह में स्टेशन प्रांगण के हाल और भी बुरे हो गए हैं।
बारिश के बाद कराया जाएगा जीर्णोद्धार
बस स्टेशन के पूरे प्रांगण का नए सिरे से निर्माण किया जाना है, जो बारिश में संभव नहीं है। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ही स्टेशन के प्रांगण का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। -लेखराज सिंह पांगती, मंडलीय प्रबंधक, टनकपुर।
रोडवेज बस स्टेशन के प्रांगण में जगह-जगह गड्ढे और जलभराव के कारण यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन रोडवेज प्रबंधन को यात्रियों की परेशानी से कोई सरोकार नहीं है। क्षेत्रीय विधायक के निर्देशों का भी रोडवेज प्रबंधन पर कोई असर नहीं पड़ा। ढाई माह पहले प्रांगण की दशा सुधारने के निर्देश दिए जाने के बाद भी हाल जस के तस बने हैं।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय मुख्यालय के साथ ही रोडवेज का स्थानीय बस स्टेशन पहाड़ी और मैदानी रूट के यात्रियों का मुख्य पड़ाव है। रोजाना हजारों की संख्या में यात्री पहाड़ और मैदानी रूट की यात्रा के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन निगम को अच्छी खासी आय देने वाले इस स्टेशन के हाल बदहाल हैं। यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया होना तो दूर विश्राम तक की व्यवस्था सही नहीं है। स्टेशन के जीर्ण-क्षीर्ण हो चुके प्रांगण (फर्श) के हाल यह है कि बरसात के कारण इन दिनों यात्री स्टेशन के अंदर जाने के बजाय बाहर सड़क पर खड़े रहकर ही बस का इंतजार करते हैं। स्टेशन प्रांगण में बने बड़े-बड़े गड्ढों में इन दिनों बारिश का पानी भरने से तालाब बना है। करीब ढाई माह पहले 28 जून को बस स्टेशन के निरीक्षण के दौरान विधायक कैलाश गहतोड़ी ने प्रबंधन को क्षतिग्रस्त स्टेशन प्रांगण को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निगम प्रबंधन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इन ढाई माह में स्टेशन प्रांगण के हाल और भी बुरे हो गए हैं।
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बारिश के बाद कराया जाएगा जीर्णोद्धार
बस स्टेशन के पूरे प्रांगण का नए सिरे से निर्माण किया जाना है, जो बारिश में संभव नहीं है। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ही स्टेशन के प्रांगण का जीर्णोद्धार कराया जाएगा। -लेखराज सिंह पांगती, मंडलीय प्रबंधक, टनकपुर।
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