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चार दिन बाद खुले अस्पताल के ताले
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:28 PM IST
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चंपावत। बृहस्पतिवार से बंद भिंगराड़ा का अतिरिक्त राजकीय प्राथमिक अस्पताल (एपीएचसी) अब खुल गया है। पांच अक्तूबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था। इसके बाद छह अक्तूबर को ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया था। सोमवार को अस्पताल में लगे ताले को खोल दिए गए।
भिंगराड़ा अस्पताल में तीन सितंबर से डॉक्टर नहीं है। अस्पताल को वार्ड ब्वाय रमेश पंगरिया के हवाले कर दिया था। बृहस्पतिवार से वार्ड ब्वाय के छुट्टी पर चले जाने के बाद अस्पताल में ताले लग गए। अस्पताल बंद होने से लोगों को बुखार, सिर-दर्द सहित मामूली इलाज के लिए भी दुश्वारी झेलनी पड़ रही थी।
लोगों ने शनिवार को प्रदर्शन कर नियमित रूप से अस्पताल खोलने के साथ इलाज की पुख्ता व्यवस्था की मांग की थी। ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, पैरालीगल वालंटियर उमेश भट्ट का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती जरूरी है। इधर, सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी का कहना है कि अस्पताल में जल्द ही डॉक्टर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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भिंगराड़ा अस्पताल में तीन सितंबर से डॉक्टर नहीं है। अस्पताल को वार्ड ब्वाय रमेश पंगरिया के हवाले कर दिया था। बृहस्पतिवार से वार्ड ब्वाय के छुट्टी पर चले जाने के बाद अस्पताल में ताले लग गए। अस्पताल बंद होने से लोगों को बुखार, सिर-दर्द सहित मामूली इलाज के लिए भी दुश्वारी झेलनी पड़ रही थी।
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लोगों ने शनिवार को प्रदर्शन कर नियमित रूप से अस्पताल खोलने के साथ इलाज की पुख्ता व्यवस्था की मांग की थी। ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, पैरालीगल वालंटियर उमेश भट्ट का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती जरूरी है। इधर, सीएमओ डॉ.आरपी खंडूरी का कहना है कि अस्पताल में जल्द ही डॉक्टर की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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