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सर्वे को जल्द आ सकती है नेपाल गृह मंत्रालय की टीम
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:25 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर बैराज से हो रहे भारत-नेपाल सीसी रोड निर्माण कार्य में भले ही नेपाल की ओर से आपत्ति लगाई जा रही हो, लेकिन नेपाल सरकार द्वारा भेजे गए कोआर्डिनेट (अक्षांश-देशांतर) के मुताबिक रोड का एलायमेंट बिल्कुल सही है। इधर, नेपाल प्रशासन का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर उनके पास नेपाल सरकार से कोई आदेश-निर्देश प्राप्त नहीं हुए है।
फिलहाल नेपाल के कंचनपुर जिला प्रशासन ने मामले में रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी है, जिसके बाद जल्द ही नेपाल गृह मंत्रालय की टीम सर्वे के लिए आ सकती है।
वर्ष 1991 में भारत-नेपाल के बीच हुई संधि के मुताबिक टनकपुर बैराज से नेपाल को सड़क से जोड़ने के साथ ही नेपाल को जलापूर्ति के लिए 1.2 किमी चैनल (नहर) का निर्माण कराकर देना है। इसी क्रम में बैराज से ब्रह्मदेव (नेपाल) तक 1.3 किमी सीसी रोड निर्माण के साथ ही चैनल निर्माण की कवायद भी शुरू हुई।
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चैनल निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई जारी है, लेकिन सरकार ने बैराज से ब्रह्मदेव तक 1.3 किमी की सीसी रोड निर्माण का काम दो अगस्त से शुरू कर दिया है। रोड का निर्माण चल ही रहा था कि नेपाल के विभिन्न संगठनों ने ब्रह्मदेव से दो सौ मीटर पहले तक की भूमि को विवादित बताते हुए विरोध जताया है। इसके बाद भारतीय प्रशासन ने विवादित भूमि पर सड़क निर्माण का काम फिलहाल रोक दिया है।
नेपाल के प्रमुख जिलाधिकारी कुमार बहादुर खड़का का कहना है कि मामले की रिपोर्ट नेपाल गृह मंत्रालय काठमांडू भेजी गई है। मंत्रालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इधर, सड़क निर्माण की यूजर एजेंसी एनएचपीसी को नेपाल सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए कोआर्डिनेट को देखा जाए तो निर्माणाधीन सड़क का एलायमेंट कोआर्डिनेट के अनुरूप ही किया गया है। कार्यदायी विभाग पीआईयू के ईई आरके पुनेठा का कहना है कि विरोध के कारण फिलहाल विवादित क्षेत्र में सड़क का निर्माण रोका गया है, लेकिन गैर विवादित क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है।
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फिलहाल नेपाल के कंचनपुर जिला प्रशासन ने मामले में रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी है, जिसके बाद जल्द ही नेपाल गृह मंत्रालय की टीम सर्वे के लिए आ सकती है।
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वर्ष 1991 में भारत-नेपाल के बीच हुई संधि के मुताबिक टनकपुर बैराज से नेपाल को सड़क से जोड़ने के साथ ही नेपाल को जलापूर्ति के लिए 1.2 किमी चैनल (नहर) का निर्माण कराकर देना है। इसी क्रम में बैराज से ब्रह्मदेव (नेपाल) तक 1.3 किमी सीसी रोड निर्माण के साथ ही चैनल निर्माण की कवायद भी शुरू हुई।
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चैनल निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई जारी है, लेकिन सरकार ने बैराज से ब्रह्मदेव तक 1.3 किमी की सीसी रोड निर्माण का काम दो अगस्त से शुरू कर दिया है। रोड का निर्माण चल ही रहा था कि नेपाल के विभिन्न संगठनों ने ब्रह्मदेव से दो सौ मीटर पहले तक की भूमि को विवादित बताते हुए विरोध जताया है। इसके बाद भारतीय प्रशासन ने विवादित भूमि पर सड़क निर्माण का काम फिलहाल रोक दिया है।
नेपाल के प्रमुख जिलाधिकारी कुमार बहादुर खड़का का कहना है कि मामले की रिपोर्ट नेपाल गृह मंत्रालय काठमांडू भेजी गई है। मंत्रालय से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इधर, सड़क निर्माण की यूजर एजेंसी एनएचपीसी को नेपाल सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए कोआर्डिनेट को देखा जाए तो निर्माणाधीन सड़क का एलायमेंट कोआर्डिनेट के अनुरूप ही किया गया है। कार्यदायी विभाग पीआईयू के ईई आरके पुनेठा का कहना है कि विरोध के कारण फिलहाल विवादित क्षेत्र में सड़क का निर्माण रोका गया है, लेकिन गैर विवादित क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है।