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जल स्तर में कमी, पानी की किल्लत बढ़ी
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:56 PM IST
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लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने से लोगों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पेयजल स्रोतों के जल स्तर में लगातार कमी आने से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अलबत्ता अभावग्रस्त क्षेत्रों में अभी टैंकरों से जलापूर्ति शुरू नहीं किए जाने से लोग गाड़-गधेरों, नौलों, हैंडपंपों में निर्भर हो रहे हैं। सेरीगैर मुहल्ले में लोग सुबह से ही खाली बर्तन लेकर पानी के लिए निकल रहे हैं।
दान सिंह, देव सिंह, आन सिंह, शंकर राम, हीरा देवी, रेखा पुजारी, उमा फर्त्याल, विमला देवी आदि का कहना है कि उनके नलों में तीसरे या चौथे दिन पानी की आपूर्ति हो रही है, और वह भी महज 20 मिनट ही पानी मिल पा रहा है। लोग अपने कामकाज छोड़कर लंबी दूरी लांघकर पानी लाने को मजबूर हो गए हैं। यहां लगे केवल एक हैंडपंप के सहारे और चार किलोमीटर दूर अक्कल धारे से पानी ढोने को मजबूर हैं। नागरिकों ने पेयजल समस्या का समाधान नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि पेयजल स्रोत में पानी की कमी से दिक्कतें हो रही हैं। लोगों को राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चंपावत में तीन दिन से पानी नहीं, मुसीबत बढ़ी
चंपावत। जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में तीन दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है। लोग एक-एक बूंद पानी को तरस रहे हैं। इसके चलते लोग हैंडपंप और नौलों से पानी ढोने को मजबूर हैं। जीआईसी मुहल्ला, कनलगांव, मल्लीहाट सहित कुछ इलाकों में पानी का संकट बढ़ गया है। अधिकांश इलाकों मेें तीन दिनों से नलों में पानी को तरस रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जल स्रोतों में जल स्तर कम होने के अलावा कई जगह जल संस्थान के पीटीसी पेयजल वितरण में गड़बड़ी कर रहे हैं। जिसके चलते शहर के एक हिस्से में पानी का संकट विकराल रूप ले रहा है। इधर जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता किशोर पंत का कहना है कि जल स्रोतों में 55 प्रतिशत तक गिरावट की वजह से संकट गहराया है। अलबत्ता संकटग्रस्त इलाकों की निगरानी के लिए विभाग की टीम भेजी जा रही है।
दान सिंह, देव सिंह, आन सिंह, शंकर राम, हीरा देवी, रेखा पुजारी, उमा फर्त्याल, विमला देवी आदि का कहना है कि उनके नलों में तीसरे या चौथे दिन पानी की आपूर्ति हो रही है, और वह भी महज 20 मिनट ही पानी मिल पा रहा है। लोग अपने कामकाज छोड़कर लंबी दूरी लांघकर पानी लाने को मजबूर हो गए हैं। यहां लगे केवल एक हैंडपंप के सहारे और चार किलोमीटर दूर अक्कल धारे से पानी ढोने को मजबूर हैं। नागरिकों ने पेयजल समस्या का समाधान नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। जल संस्थान के अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि पेयजल स्रोत में पानी की कमी से दिक्कतें हो रही हैं। लोगों को राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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चंपावत में तीन दिन से पानी नहीं, मुसीबत बढ़ी
चंपावत। जिला मुख्यालय के कई हिस्सों में तीन दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है। लोग एक-एक बूंद पानी को तरस रहे हैं। इसके चलते लोग हैंडपंप और नौलों से पानी ढोने को मजबूर हैं। जीआईसी मुहल्ला, कनलगांव, मल्लीहाट सहित कुछ इलाकों में पानी का संकट बढ़ गया है। अधिकांश इलाकों मेें तीन दिनों से नलों में पानी को तरस रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जल स्रोतों में जल स्तर कम होने के अलावा कई जगह जल संस्थान के पीटीसी पेयजल वितरण में गड़बड़ी कर रहे हैं। जिसके चलते शहर के एक हिस्से में पानी का संकट विकराल रूप ले रहा है। इधर जल संस्थान के कनिष्ठ अभियंता किशोर पंत का कहना है कि जल स्रोतों में 55 प्रतिशत तक गिरावट की वजह से संकट गहराया है। अलबत्ता संकटग्रस्त इलाकों की निगरानी के लिए विभाग की टीम भेजी जा रही है।
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