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अपराधों पर खामोश रहना ही सबसे बड़ा अपराध

Tue, 20 Mar 2018 10:44 PM IST
Updated Tue, 20 Mar 2018 10:44 PM IST
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अपराधों पर खामोश रहना ही सबसे बड़ा अपराध

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चंपावत। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में महिला हिंसा रोकथाम एवं अधिनियम पर कार्यशाला हुई। शुभारंभ करते हुए सीडीओ एसएस बिष्ट ने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में महिला हिंसा पर रोकथाम के लिए महिलाओं को संगठित होकर मजबूती के साथ आगे आना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत महिला कर्मियों को क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर महिला हिंसा से बचाव के उपायों पर जानकारी देने की आवश्यकता है।

एसआई मीनाक्षी नौटियाल ने कहा कि महिलाओं को अपराधों के प्रति खुलकर बोलने के साथ अपराधी के प्रति उचित फोरम में शिकायतों दर्ज करानी होगी। उन्होंने कहा कि अपराधों पर खामोश रहना ही सबसे बड़ा अपराध है जिससे हिंसा को बढ़ावा मिलता है। वहां पर मुख्य कृषि अधिकारी सुरेंद्र कुमार, अधिवक्ता विद्याधर जोशी, भाष्कर मुरारी तथा जनार्दन उप्रेती, डीडीओ आरसी तिवारी, सीएमओ डॉ. एमएस बोरा, डीएसटीओ एनबी बचखेती, पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट आदि थे।
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