{"_id":"5a7f2c764f1c1bb2208b85a3","slug":"11518283894-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोगग्रस्त गांवों में पहुंची पशुपालन की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोगग्रस्त गांवों में पहुंची पशुपालन की टीम
Updated Sat, 10 Feb 2018 11:01 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
लोहाघाट (चंपावत)।
लोहाघाट विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे मडलक क्षेत्र में पशुपालन विभाग की टीम ने गांवों में जाकर पशुओं में फैले खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम शुरू कर दी है। इसके तहत गांवों में जाकर टीम पशुओं का इलाज कर रही है। टीम ने ककरतोला, काकड़ी, गुरेली, संगनौला में जाकर पशुओं को दवाएं खिलाई। बता दें कि इन गांवों में बीते करीब एक सप्ताह में सौ से अधिक मवेशी इस रोग की चपेट में थे।
चमदेवल की पशु चिकित्साधिकारी डॉ.शुमाइला मलिक ने बताया कि ककरतोला, काकड़ी, गुरेली, संगनौला गांव में खुरपका, मुंहपका रोग होने की खबर लगने पर गांव में जाकर पशुओं को दवाएं खिलाई गई। जबकि रॉल, धौन, साल, लेटी, सल्टा, बगोटी, गुडमांगल, जमरसों आदि गांवों में पहले ही इन रोगों की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
संगनौला गांव में अधिकांश ग्रामीणों ने पशुओं का उपचार तो कराया, लेकिन कुछ महिलाओं ने टीकाकरण से मना कर दिया गया। अलबत्ता मजपीपल, गुरेली में पशु अब ठीक हो चुके हैं। पशुपालन विभाग की टीम लगातार गांवों का भ्रमण कर बीमार पशुओं का उपचार कर रही है। टीम में पशु चिकित्साधिकारी के अलावा राम गोपाल, पशुधन प्रसार अधिकारी प्रणव प्रकाश शर्मा आदि शामिल हैं।
लोहाघाट विकासखंड के नेपाल सीमा से लगे मडलक क्षेत्र में पशुपालन विभाग की टीम ने गांवों में जाकर पशुओं में फैले खुरपका-मुंहपका रोग की रोकथाम शुरू कर दी है। इसके तहत गांवों में जाकर टीम पशुओं का इलाज कर रही है। टीम ने ककरतोला, काकड़ी, गुरेली, संगनौला में जाकर पशुओं को दवाएं खिलाई। बता दें कि इन गांवों में बीते करीब एक सप्ताह में सौ से अधिक मवेशी इस रोग की चपेट में थे।
चमदेवल की पशु चिकित्साधिकारी डॉ.शुमाइला मलिक ने बताया कि ककरतोला, काकड़ी, गुरेली, संगनौला गांव में खुरपका, मुंहपका रोग होने की खबर लगने पर गांव में जाकर पशुओं को दवाएं खिलाई गई। जबकि रॉल, धौन, साल, लेटी, सल्टा, बगोटी, गुडमांगल, जमरसों आदि गांवों में पहले ही इन रोगों की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
विज्ञापन
संगनौला गांव में अधिकांश ग्रामीणों ने पशुओं का उपचार तो कराया, लेकिन कुछ महिलाओं ने टीकाकरण से मना कर दिया गया। अलबत्ता मजपीपल, गुरेली में पशु अब ठीक हो चुके हैं। पशुपालन विभाग की टीम लगातार गांवों का भ्रमण कर बीमार पशुओं का उपचार कर रही है। टीम में पशु चिकित्साधिकारी के अलावा राम गोपाल, पशुधन प्रसार अधिकारी प्रणव प्रकाश शर्मा आदि शामिल हैं।
विज्ञापन