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सरकारी राशन को तीन किमी की लग रही दौड़
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:37 PM IST
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चंपावत। यहां कनलगांव और राजकीय इंटर कॉलेज के आसपास के लोगों को सरकारी सस्ता गल्ला के खाद्यान्न के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। अब उन्हें गेहूं व चावल के लिए तीन किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। लोगों की परेशानी की वजह यहां की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का बंद होना है।
कनलगांव और जीआईसी के आसपास के लोगों को सरकारी अनाज लाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इलाके के 478 परिवारों को अब यहां के बजाय कलक्ट्रेट मार्ग पर छतार स्थित सस्ते गल्ले की दुकान से राशन लाना पड़ रहा है। इन राशनकार्ड धारकों ने जल्द से जल्द यहां नई दुकान खोलने की मांग की है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल का कहना है कि जीआईसी लाइन की सस्ता गल्ला की दुकान को गल्ला धारक ने छोड़ दिया है। यहां के राशनकार्ड धारकों को छतार में जोगादत्त भट्ट के सस्ता गल्ला की दुकान से खाद्यान्न दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
दूसरी तरफ पिछले महीने निलंबित जिला पंचायत द्वार के नजदीक की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के राशनकार्ड धारकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। डीएसओ का कहना है कि दुकान की जांच पूरी होने तक यहां के 366 उपभोक्ताओं को मल्लीहाट के पंकज साह की सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता से खाद्यान्न दिया जा रहा है।
कनलगांव और जीआईसी के आसपास के लोगों को सरकारी अनाज लाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। इलाके के 478 परिवारों को अब यहां के बजाय कलक्ट्रेट मार्ग पर छतार स्थित सस्ते गल्ले की दुकान से राशन लाना पड़ रहा है। इन राशनकार्ड धारकों ने जल्द से जल्द यहां नई दुकान खोलने की मांग की है। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल का कहना है कि जीआईसी लाइन की सस्ता गल्ला की दुकान को गल्ला धारक ने छोड़ दिया है। यहां के राशनकार्ड धारकों को छतार में जोगादत्त भट्ट के सस्ता गल्ला की दुकान से खाद्यान्न दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
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दूसरी तरफ पिछले महीने निलंबित जिला पंचायत द्वार के नजदीक की सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के राशनकार्ड धारकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। डीएसओ का कहना है कि दुकान की जांच पूरी होने तक यहां के 366 उपभोक्ताओं को मल्लीहाट के पंकज साह की सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता से खाद्यान्न दिया जा रहा है।
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