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बारहमासी सड़क निर्माण में थम नहीं रही ठेकेदार कंपनियों की मनमानी
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:22 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर-पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क निर्माण में अब भी वन संपदा एवं वन्यजीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ थम नहीं रहा है। देर से सही लेकिन बुधवार को निर्माण एजेंसी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई से यह बात साफ हो गई है कि निर्माण कार्य में कार्रवाई की परवाह किए बगैर नियमों को ताख पर रखा जा रहा है। ठेकेदार कंपनियां प्रशासन की हिदायत को दरकिनार कर काटे जा रहे पहाड़ों का मलबा डंपिंग यार्ड के बजाय सड़क से नीचे फेंक कर वन संपदा और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क का निर्माण तेजी से चल रहा है, मगर निर्माण में ठेके की शर्तों का उल्लंघन कर वन संपदा एवं वन्यजीवों को काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सड़क निर्माण की इस अनियमितता को सबसे पहले अमर उजाला ने दो अक्तूबर के अंक में प्रकाशित कर प्रशासन को आगाह किया था, लेकिन प्रशासन की लचर कार्यशैली से ठेकेदार कंपनियां अपनी हरकतों से बाज नहीं आई। बुधवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम अनिल चन्याल के नेेतृत्व में वन विभाग, पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा मारे गए छापे में न सिर्फ सड़क निर्माण में वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ होता पाया गया, बल्कि पहाड़ का मलबा सड़क से नीचे फेंकते पाए जाने पर एक ठेकेदार कंपनी की दो मशीनें भी सीज की गई है। एसडीएम के मुताबिक टनकपुर तहसील अंतर्गत आने वाले कार्य स्थल ककरालीगेट से सूखीढांग तक कहीं भी डंपिंग यार्ड नहीं बनाए गए हैं, जिस पर एनएचएआई एवं ठेकेेदार कंपनी को डंपिंग यार्ड बनाए बगैर पहाड़ कटिंग का कार्य न करने की हिदायत दी गई है।
एसडीएम ने बताया कि नियम के अनुसार पहाड़ काटने से पहले सड़क किनारे जगह-जगह वायरक्रेट और दीवार का निर्माण कर डंपिंग यार्ड बनाए जाने हैं, ताकि पहाड़ कटिंग से वन संपदा एवं वन्यजीवों को क्षति न पहुंचे, लेकिन ठेकेदार कंपनी पहाड़ियों का काटकर मलबा नीचे फेंक निर्माण की शर्तों का उल्लंघन कर रही है।
टनकपुर-पिथौरागढ़ सड़क का निर्माण तेजी से चल रहा है, मगर निर्माण में ठेके की शर्तों का उल्लंघन कर वन संपदा एवं वन्यजीवों को काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सड़क निर्माण की इस अनियमितता को सबसे पहले अमर उजाला ने दो अक्तूबर के अंक में प्रकाशित कर प्रशासन को आगाह किया था, लेकिन प्रशासन की लचर कार्यशैली से ठेकेदार कंपनियां अपनी हरकतों से बाज नहीं आई। बुधवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम अनिल चन्याल के नेेतृत्व में वन विभाग, पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा मारे गए छापे में न सिर्फ सड़क निर्माण में वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ होता पाया गया, बल्कि पहाड़ का मलबा सड़क से नीचे फेंकते पाए जाने पर एक ठेकेदार कंपनी की दो मशीनें भी सीज की गई है। एसडीएम के मुताबिक टनकपुर तहसील अंतर्गत आने वाले कार्य स्थल ककरालीगेट से सूखीढांग तक कहीं भी डंपिंग यार्ड नहीं बनाए गए हैं, जिस पर एनएचएआई एवं ठेकेेदार कंपनी को डंपिंग यार्ड बनाए बगैर पहाड़ कटिंग का कार्य न करने की हिदायत दी गई है।
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एसडीएम ने बताया कि नियम के अनुसार पहाड़ काटने से पहले सड़क किनारे जगह-जगह वायरक्रेट और दीवार का निर्माण कर डंपिंग यार्ड बनाए जाने हैं, ताकि पहाड़ कटिंग से वन संपदा एवं वन्यजीवों को क्षति न पहुंचे, लेकिन ठेकेदार कंपनी पहाड़ियों का काटकर मलबा नीचे फेंक निर्माण की शर्तों का उल्लंघन कर रही है।
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