{"_id":"596902304f1c1b5e248b4630","slug":"111500054064-champawat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भांग की खेती पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भांग की खेती पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जाए
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चंपावत। जिले के पाटी तहसील के लड़ा निवासी सतीश सिंह लडवाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भांग की खेती पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि नारकोटिक्स ब्यूरो देहरादून की ओर से जिले में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को भांग की खेती पर प्रतिबंध होने की जानकारी दी जा रही है।
लेकिन इसके बावजूद भी कई स्थानों में भांग की खेती धड़ल्ले से की जा रही है। सतीश लडवाल का कहना है कि इससे पूर्व भी उनकी ओर से भांग की खेती से चरस का अवैध व्यापार किए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाए शिकायतकर्ता के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। उनका कहना है कि पाटी तहसील के सभी गांवों में भांग की खेती की जा रही है। चरस के दोहन में पांच वर्ष के बालक बालिकाओं से लेकर अस्सी साल तक के बुजुर्ग लगे रहते हैं। चरस के नशे की चपेट में बच्चे और युवा वर्ग आता जा रहा है। भांग की खेती पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जाए
लेकिन इसके बावजूद भी कई स्थानों में भांग की खेती धड़ल्ले से की जा रही है। सतीश लडवाल का कहना है कि इससे पूर्व भी उनकी ओर से भांग की खेती से चरस का अवैध व्यापार किए जाने संबंधी शिकायत जिला प्रशासन से की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाए शिकायतकर्ता के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया। उनका कहना है कि पाटी तहसील के सभी गांवों में भांग की खेती की जा रही है। चरस के दोहन में पांच वर्ष के बालक बालिकाओं से लेकर अस्सी साल तक के बुजुर्ग लगे रहते हैं। चरस के नशे की चपेट में बच्चे और युवा वर्ग आता जा रहा है। भांग की खेती पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जाए
विज्ञापन