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कन्यूड़ा, रूईयां और कफल्टा के ग्रामीण चुनाव बहिष्कार पर अडिग
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चंपावत। लोकसभा चुनाव के मतदान में अब केवल एक ही दिन शेष रह गया है लेकिन जिले के सीमांत क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण रोड नहीं तो वोट नहीं को लेकर चुनाव बहिष्कार पर अडिग हैं। सीमांत कन्यूड़ा, रूईयां, गुरनागूंठ, पाली, आमगूंठ व कफल्टा के ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। मंगलवार को ग्रामीणों और प्रशासन के बीच हुई बैठक के बाद भी किसी प्रकार की सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद नाराज ग्रामीणों ने कहा कि वह अपनी मांग को लेकर लोकसभा चुनाव ही नहीं आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे। बैठक में एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम अनिल गर्ब्याल, स्वीप के नोडल अधिकारी अंशुल बिष्ट, जीवन कलौनी के अलावा ग्रामीण नारायण सिंह, मोहन चंद्र जोशी, लीलाधर, चंद्र सिंह, प्रीतम राम, राजेंद्र सिंह, उदय सिंह, रेवाधर, मनोज सिंह, नरेश राम, बोध सिंह, जगदीश चंद्र आदि थे।
आचार संहिता के चलते नहीं मिला कोई आश्वासन
चंपावत। सड़क की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार के निर्णय पर डटे ग्रामीणों को प्रशासनिक अधिकारी आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के कारण किसी प्रकार का आश्वासन नहीं दे पाए। एडीएम ने बताया कि चुनाव आयोग की स्वीप टीम की ओर से लगातार ग्रामीणों को मतदान करने के लिए मनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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इसके बाद नाराज ग्रामीणों ने कहा कि वह अपनी मांग को लेकर लोकसभा चुनाव ही नहीं आने वाले पंचायत और विधानसभा चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे। बैठक में एडीएम टीएस मर्तोलिया, एसडीएम अनिल गर्ब्याल, स्वीप के नोडल अधिकारी अंशुल बिष्ट, जीवन कलौनी के अलावा ग्रामीण नारायण सिंह, मोहन चंद्र जोशी, लीलाधर, चंद्र सिंह, प्रीतम राम, राजेंद्र सिंह, उदय सिंह, रेवाधर, मनोज सिंह, नरेश राम, बोध सिंह, जगदीश चंद्र आदि थे।
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आचार संहिता के चलते नहीं मिला कोई आश्वासन
चंपावत। सड़क की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार के निर्णय पर डटे ग्रामीणों को प्रशासनिक अधिकारी आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के कारण किसी प्रकार का आश्वासन नहीं दे पाए। एडीएम ने बताया कि चुनाव आयोग की स्वीप टीम की ओर से लगातार ग्रामीणों को मतदान करने के लिए मनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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