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गोरलचौड़ में गहराया पेयजल संकट
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:23 PM IST
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चंपावत। गोरलचौड़ की नई बस्ती में पेयजल किल्लत बनी हुई है। आलम ये है कि नलों से चार-चार दिन बाद पानी आ रहा है। जनसंख्या के मुकाबले पानी की ये मात्रा बेहद कम है, जिससे यहां के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने पेयजल समस्या से विभाग को अवगत कराया बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
नई बस्ती निवासी गिरीश भट्ट, प्रेम भट्ट, विनोद उप्रेती, हीरा बल्लभ, प्रदीप भट्ट, मोहित जोशी आदि का कहना है कि यहां शुरूआत से ही पानी की जबरदस्त किल्लत बनी हुई है। गर्मियों में तो विभाग टैंकर के जरिए पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन इन दिनों टैंकर से भी पेयजल वितरण नहीं हो रहा है।
लोगों का कहना है कि चार दिन बाद भी बेहद कम मात्रा में पानी आ रहा है। पेयजल समस्या से निजात दिलाने को कई बार विभागीय अधिकारियों को बता दिया गया है। उधर जल संस्थान के अवर अभियंता एसएस थापा का कहना है कि इस इलाके में बायपास पेयजल लाइन का प्रस्ताव जिला योजना में किया गया है। जनवरी तक यहां बायपास पेयजल लाइन का निर्माण कर दिया जाएगा।
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नई बस्ती निवासी गिरीश भट्ट, प्रेम भट्ट, विनोद उप्रेती, हीरा बल्लभ, प्रदीप भट्ट, मोहित जोशी आदि का कहना है कि यहां शुरूआत से ही पानी की जबरदस्त किल्लत बनी हुई है। गर्मियों में तो विभाग टैंकर के जरिए पानी की आपूर्ति करता है, लेकिन इन दिनों टैंकर से भी पेयजल वितरण नहीं हो रहा है।
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लोगों का कहना है कि चार दिन बाद भी बेहद कम मात्रा में पानी आ रहा है। पेयजल समस्या से निजात दिलाने को कई बार विभागीय अधिकारियों को बता दिया गया है। उधर जल संस्थान के अवर अभियंता एसएस थापा का कहना है कि इस इलाके में बायपास पेयजल लाइन का प्रस्ताव जिला योजना में किया गया है। जनवरी तक यहां बायपास पेयजल लाइन का निर्माण कर दिया जाएगा।
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