{"_id":"6308e21089a4de54e47ec4ef","slug":"zilla-panchayat-in-check-bounce-gopeshwar-news-drn4209482166","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैक बाउंस मामले में चमोली जिला पंचायत उपाध्यक्ष को छह माह की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैक बाउंस मामले में चमोली जिला पंचायत उपाध्यक्ष को छह माह की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यायिक मजिस्ट्रेट जोशीमठ विशाल वशिष्ठ की अदालत ने चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में चमोली के जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत को छह माह के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख 50 हजार 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। रावत सड़क के ठेकेदार भी हैं।
वर्ष 2018-19 में लक्ष्मण सिंह रावत ने सलूड़ और बौंला मोटर मार्ग की मरम्मत का काम कराया था। इसके लिए उन्होंने विष्णुगाड स्टोन क्रशर हेलंग के मालिक धर्म सिंह भंडारी से कंकरीट, रेत और डस्ट के साथ ही पोकलैन मशीन किराए पर ली थी। इसके भुगतान के लिए लक्ष्मण सिंह ने धर्म सिंह को 19 लाख 50 हजार रुपये और आठ लाख रुपये के दो चेक दिए थे। धर्म सिंह ने चेक बैंक में प्रस्तुत किए तो लक्ष्मण सिंह के खाते में रुपये न होने के कारण यह बाउंस हो गए।
इसके बाद धर्म सिंह ने मामले में जिला न्यायालय के अधिवक्ता कुलदीप सिंह नेगी और दिलवर सिंह फरस्वाण के माध्यम से लक्ष्मण सिंह रावत को धनराशि के भुगतान के लिए नोटिस भेजा। लंबे समय बाद भी लक्ष्मण सिंह ने न तो पैसे दिए और न नोटिस का जवाब। इस पर 26 फरवरी 2020 को न्यायिक मजिस्ट्रेट जोशीमठ की अदालत में मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट जोशीमठ विशाल वशिष्ठ की अदालत ने ठेकेदार/जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत को दोनों चेक के बाउंस होने के मामले में दोषी मानते हुए छह-छह माह के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2018-19 में लक्ष्मण सिंह रावत ने सलूड़ और बौंला मोटर मार्ग की मरम्मत का काम कराया था। इसके लिए उन्होंने विष्णुगाड स्टोन क्रशर हेलंग के मालिक धर्म सिंह भंडारी से कंकरीट, रेत और डस्ट के साथ ही पोकलैन मशीन किराए पर ली थी। इसके भुगतान के लिए लक्ष्मण सिंह ने धर्म सिंह को 19 लाख 50 हजार रुपये और आठ लाख रुपये के दो चेक दिए थे। धर्म सिंह ने चेक बैंक में प्रस्तुत किए तो लक्ष्मण सिंह के खाते में रुपये न होने के कारण यह बाउंस हो गए।
विज्ञापन
इसके बाद धर्म सिंह ने मामले में जिला न्यायालय के अधिवक्ता कुलदीप सिंह नेगी और दिलवर सिंह फरस्वाण के माध्यम से लक्ष्मण सिंह रावत को धनराशि के भुगतान के लिए नोटिस भेजा। लंबे समय बाद भी लक्ष्मण सिंह ने न तो पैसे दिए और न नोटिस का जवाब। इस पर 26 फरवरी 2020 को न्यायिक मजिस्ट्रेट जोशीमठ की अदालत में मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को मामले में सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट जोशीमठ विशाल वशिष्ठ की अदालत ने ठेकेदार/जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत को दोनों चेक के बाउंस होने के मामले में दोषी मानते हुए छह-छह माह के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
विज्ञापन