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व्यापारियों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
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दुकानें बंद होने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे व्यापारियों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर संपूर्ण बाजार खुलवाने की मांग उठाई। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। व्यापारियों ने कहा कि अगर उनकी मांग पर गौर नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
दुकानदारों ने कहा कि कोरोना के कारण डेढ़ महीने से उनकी दुकानें बंद हैं। अब संक्रमण में कमी आने के बाद भी संपूर्ण बाजार को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने दुकानें खोलने की अनुमति देने, कोविडकाल में बिजली पानी के बिल, बैंक ऋण पर ब्याज, सभी टैक्स माफ की मांग की। इस मौके पर व्यापार संघ महामंत्री उमेश खंडूड़ी, ईश्वरी मैखुरी, सुशील थपलियाल, प्रताप लूथरा, पुष्कर रावत, कुशल बिष्ट, अनिल कंडवाल, अनूप चौहान, कुक्की जुयाल, ललित नैनवाल, बीरेंद्र मिंगवाल, प्रताप तोपाल, महेंद्र सिंह, सोहन नौटियाल, गोविंद, भीम सिंह, देवराज रावत और अंकित गोयल मौजूद थे।
8 जून तक कोचिंग सेंटर खोलने की नहीं दी अनुमति तो जबरन खोलेंगे
आधा फीसदी छात्रों की उपस्थिति के साथ कोचिंग सेंटर संचालन की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। कोचिंग सेंटर संचालकों ने प्रदेश सरकार से आठ जून के बाद 50 फीसदी छात्रों के साथ सेंटरों के संचालन की अनुमति देने की मांग उठाई। कहा कि कोरोना काल में लगभग दो साल से सेंटर बंद होने से सेंटरों का किराया देना मुश्किल हो गया है। कहा कि सभी कोचिंग सेंटरों ने निर्णय लिया है कि यदि आठ जून के बाद सरकार ने कोचिंग कोचिंग सेंटरों को आधा फीसदी छात्रों के साथ नहीं खोलने दिया गया तो खुद की कोचिंग सेंटर खोल देंगे।
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उत्तराखंड कोचिंग एवं लाइब्रेरी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सविंदर सिंह, सचिव खजान राणा और कोषाध्यक्ष प्रवेश भट्ट ने मांग को लेकर मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने कहा कि दो साल से कोचिंग सेंटर बंद पड़े हैं। अब सेंटरों का किराया भरना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने आठ जून के बाद 50 फीसदी छात्रों के साथ कोचिंग सेंटरों का संचालन शुरू करने की मांग की। कहा कि कई सेंटर संचालकों का किराया ढाई लाख के पार पहुंच गया है, जिससे आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। सेंटरों का ऑनलाइन संचालन भी नहीं कर पा रहे हैं।
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दुकानदारों ने कहा कि कोरोना के कारण डेढ़ महीने से उनकी दुकानें बंद हैं। अब संक्रमण में कमी आने के बाद भी संपूर्ण बाजार को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उन्होंने दुकानें खोलने की अनुमति देने, कोविडकाल में बिजली पानी के बिल, बैंक ऋण पर ब्याज, सभी टैक्स माफ की मांग की। इस मौके पर व्यापार संघ महामंत्री उमेश खंडूड़ी, ईश्वरी मैखुरी, सुशील थपलियाल, प्रताप लूथरा, पुष्कर रावत, कुशल बिष्ट, अनिल कंडवाल, अनूप चौहान, कुक्की जुयाल, ललित नैनवाल, बीरेंद्र मिंगवाल, प्रताप तोपाल, महेंद्र सिंह, सोहन नौटियाल, गोविंद, भीम सिंह, देवराज रावत और अंकित गोयल मौजूद थे।
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8 जून तक कोचिंग सेंटर खोलने की नहीं दी अनुमति तो जबरन खोलेंगे
आधा फीसदी छात्रों की उपस्थिति के साथ कोचिंग सेंटर संचालन की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। कोचिंग सेंटर संचालकों ने प्रदेश सरकार से आठ जून के बाद 50 फीसदी छात्रों के साथ सेंटरों के संचालन की अनुमति देने की मांग उठाई। कहा कि कोरोना काल में लगभग दो साल से सेंटर बंद होने से सेंटरों का किराया देना मुश्किल हो गया है। कहा कि सभी कोचिंग सेंटरों ने निर्णय लिया है कि यदि आठ जून के बाद सरकार ने कोचिंग कोचिंग सेंटरों को आधा फीसदी छात्रों के साथ नहीं खोलने दिया गया तो खुद की कोचिंग सेंटर खोल देंगे।
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उत्तराखंड कोचिंग एवं लाइब्रेरी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सविंदर सिंह, सचिव खजान राणा और कोषाध्यक्ष प्रवेश भट्ट ने मांग को लेकर मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने कहा कि दो साल से कोचिंग सेंटर बंद पड़े हैं। अब सेंटरों का किराया भरना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने आठ जून के बाद 50 फीसदी छात्रों के साथ कोचिंग सेंटरों का संचालन शुरू करने की मांग की। कहा कि कई सेंटर संचालकों का किराया ढाई लाख के पार पहुंच गया है, जिससे आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। सेंटरों का ऑनलाइन संचालन भी नहीं कर पा रहे हैं।