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Chamoli News: रुद्रनाथ क्षेत्र के लिए पेयजल योजना के निर्माण की जगी उम्मीद
Fri, 14 Jul 2023 03:47 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Fri, 14 Jul 2023 03:47 PM IST
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योजना के लिए पेयजल निगम को हस्तांतरित हुई वन भूमि
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के 24 किलोमीटर पैदल ट्रैक पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को पेयजल सुविधा देने के लिए 0.212 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड पेयजल निगम को हस्तांतरण के आदेश जारी हो गए हैं। अब रुद्रनाथ क्षेत्र के लिए पेयजल योजना के निर्माण की उम्मीद जगी है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम बल्लभ भट्ट ने कहा कि पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय तकनीकी अधिकारी (वानिकी) सन्नी गोयल की ओर से वन भूमि हस्तांतरण के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बताया कि केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत रुद्रनाथ मंदिर के लिए वर्ष 2010 में पेयजल निगम की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन वन भूमि होने के कारण योजना पर आज तक काम शुरू नहीं हो पाया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्वाड़ देवेंद्र सिंह ने बताया कि रुद्रनाथ यात्रा मार्ग पर पेयजल की सुविधा न होने से तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रुद्रनाथ मंदिर परिसर में भी पेयजल की व्यवस्था नहीं है। अब पेयजल योजना के निर्माण की उम्मीद जगी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के 24 किलोमीटर पैदल ट्रैक पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को पेयजल सुविधा देने के लिए 0.212 हेक्टेयर वन भूमि उत्तराखंड पेयजल निगम को हस्तांतरण के आदेश जारी हो गए हैं। अब रुद्रनाथ क्षेत्र के लिए पेयजल योजना के निर्माण की उम्मीद जगी है।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम बल्लभ भट्ट ने कहा कि पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय तकनीकी अधिकारी (वानिकी) सन्नी गोयल की ओर से वन भूमि हस्तांतरण के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बताया कि केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के अंतर्गत रुद्रनाथ मंदिर के लिए वर्ष 2010 में पेयजल निगम की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन वन भूमि होने के कारण योजना पर आज तक काम शुरू नहीं हो पाया है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ग्वाड़ देवेंद्र सिंह ने बताया कि रुद्रनाथ यात्रा मार्ग पर पेयजल की सुविधा न होने से तीर्थयात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रुद्रनाथ मंदिर परिसर में भी पेयजल की व्यवस्था नहीं है। अब पेयजल योजना के निर्माण की उम्मीद जगी है।
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