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युवाओं ने छह घंटे की मशक्कत के बाद बुझाई जंगल की आग
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बुधवार को कपीरी पट्टी में ग्वाड़ गांव के जंगल में लगी आग से सैकड़ों बांज, बुरांश व काफल के पौधे जल गए। गांव के युवा आग भड़कती देख जंगल में गए और छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने आग बुझा दी। ग्रामीणों ने आग लगने की सूचना वन विभाग को दी लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने वन विभाग से दोबारा जंगल में पौधरोपण की मांग उठाई।
क्षेत्र के भगत कंडवाल ने कहा कि ग्वाड़ गांव के जंगल में बांज, बुरांश, काफल सहित अन्य चौड़ी पत्ती वाले पेड़-पौधे हैं। यहां ग्रामीण खुद जंगल की रक्षा करते हैं। ग्रामीण वहीं से सूखी जलावनी लकड़ी और पशुओं के लिए चारा पत्ती लाते हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम करीब पांच बजे असामाजिक तत्वों ने जंगल में आग लगा दी। जंगल में सूखी पत्तियां होने व तेज हवाएं चलने के कारण आग बेकाबू हो गई। आग देखकर शाम छह बजे गांव के विनोद सिंह, महावीर सिंह, राजेंद्र सिंह और उमेद सिंह जंगल में आग बुझाने पहुंचे और आग के पास से पत्तियां हटाकर व पानी डालकर रात 12 बजे तक मुश्किल से आग पर काबू पाया। कहा कि ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को आग लगने की सूचना दी, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। जंगल की आग से सैकड़ों बांज, बुरांश व काफल के पौधे नष्ट हो गए हैं। गांव के युवाओं ने आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों का पता लगाकर कार्रवाई की मांग उठाई।
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क्षेत्र के भगत कंडवाल ने कहा कि ग्वाड़ गांव के जंगल में बांज, बुरांश, काफल सहित अन्य चौड़ी पत्ती वाले पेड़-पौधे हैं। यहां ग्रामीण खुद जंगल की रक्षा करते हैं। ग्रामीण वहीं से सूखी जलावनी लकड़ी और पशुओं के लिए चारा पत्ती लाते हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम करीब पांच बजे असामाजिक तत्वों ने जंगल में आग लगा दी। जंगल में सूखी पत्तियां होने व तेज हवाएं चलने के कारण आग बेकाबू हो गई। आग देखकर शाम छह बजे गांव के विनोद सिंह, महावीर सिंह, राजेंद्र सिंह और उमेद सिंह जंगल में आग बुझाने पहुंचे और आग के पास से पत्तियां हटाकर व पानी डालकर रात 12 बजे तक मुश्किल से आग पर काबू पाया। कहा कि ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को आग लगने की सूचना दी, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। जंगल की आग से सैकड़ों बांज, बुरांश व काफल के पौधे नष्ट हो गए हैं। गांव के युवाओं ने आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों का पता लगाकर कार्रवाई की मांग उठाई।
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