फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   The pregnant was brought to the road with the help of a stick for seven km

गर्भवती को सात किमी डंडी के सहारे लाए सड़क तक

Sun, 16 Jan 2022 07:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 07:21 PM IST
विज्ञापन
The pregnant was brought to the road with the help of a stick for seven km
घाट क्षेत्र में प्राणमति गांव में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को पैदल ही सड़क तक पहुंचाते ग्राम - फोटो : GOPESHWAR
सड़क सुविधा न होने का खामियाजा ग्रामीणों को आज भी झेलना पड़ रहा है। प्राणमति गांव में सड़क न होने पर रविवार को प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला को ग्रामीणों ने कंधे पर डंडी के सहारे बर्फ से फिसलन बने रास्ते पर सात किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाट से आठ किलोमीटर पहले ही वादुक बैंड पर महिला ने एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन

प्राणमति गांव के राजेंद्र कुमार की पत्नी करिश्मा देवी (27) को शनिवार रात से ही प्रवास पीड़ा हो रही थी लेकिन गांव में सड़क न होने पर उन्हें सुबह का इंतजार करना पड़ा। रविवार सुबह सात बजे ग्रामीणों ने महिला को अस्पताल ले जाने की तैयारी की और कुर्सी को लकड़ी के डंडों पर रस्सी के सहारे बांधा और कंधे पर करीब सात किलोमीटर तक पैदल चलकर महिला को सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद महिला को एंबुलेंस में ले जाया गया, लेकिन सीएचसी से करीब आठ किलोमीटर पहले ही महिला ने वादुक बैंड पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। ग्रामीण महिलाओं ने एंबुलेंस में ही महिला का प्रसव कराया। बाद में एंबुलेंस से ही जच्चा-बच्चा को सीएचसी घाट में भर्ती कराया गया। सीएमओ डा. एसपी कुड़ियाल ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
विज्ञापन

सीएम की घोषणा के बाद भी नहीं बनी सड़क
ग्राम प्रधान सरस्वती देवी और सामाजिक कार्यकर्ता यशपाल सिंह नेगी ने बताया कि यदि महिला को पैदल लाने में थोड़ी भी देरी होती तो दिक्कत हो सकती थी। उन्होंने बताया कि सड़क न होने से प्राणमति, कनोल और बड़गुना गांव के ग्रामीणों को सात किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने सितेल-प्राणमति (7 किमी) सड़क के निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर रुका हुआ है। बीते दिनों क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई, जिससे पैदल रास्ता फिसलन भरा बना है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को लंबी दूरी पैदल आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed