{"_id":"636fd708b98d1121bd7f3c2e","slug":"the-migration-from-the-mountain-was-presented-through-poetry-karnpryag-news-drn42798335","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ से हो रहे पलायन को कविता से जरिये किया प्रस्तुत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ से हो रहे पलायन को कविता से जरिये किया प्रस्तुत
विज्ञापन
नंदासैण मेले मे लगे पहाड़ी स्टाल।
- फोटो : KARNPRYAG
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला मंगल दलों के कार्यक्रमों के साथ नंदासैंण में पर्यावरण संवर्द्धन पर्यटन एवं विकास मेले का शनिवार को समापन हो गया। मेले में कलश साहित्य संस्था रुद्रप्रयाग की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में कविओं ने कविताओं के माध्यम से सरकारी दफ्तरों में घूसखोरी और चुनावों में नेताओं की ओर से किए जाने वाले झूठे वायदों पर व्यंग कसा। साथ ही पहाड़ से मैदानों में हो रहे पलायन की पीड़ा को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कवियों ने अपणि कुड़ी पुंगड़ी धरा पंदरा न छोड़ा..., लौ आवा पहाड़ लौ आवा अपना पहाड़..., धै लगांणी च तुमारी ओखली बटु देखणी तुमारी घर की खोली.... आदि की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि नंदासैंण मेला कमेटी ने सीमित संसाधनों के बावजूद मेले के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की जो पहल की वह सराहनीय है। मेले में विभिन्न विभागों व स्वयं सहायता समूहों की ओर से गोष्ठी, प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए। इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष हरेंद्र चौधरी, सचिव सुरेंद्र भंडारी, अशोक चौधरी, केदारदत्त नैथानी, रेवत नेगी, सुभाष नौटियाल, विजय चमोला, भूपेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
मकर व्यूह मंचन ने दर्शकों को किया भावुक
अगस्त्यमुनि। पांच दिवसीय शरदोत्सव, कृषि एवं औद्योगिक विकास मेले के समापन पर केदारघाटी मंडाण सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने महाभारत आधारित मकर व्यूह का मंचन किया। महाभारत में पांडवों की ओर से युद्ध के 16वें दिन मकरव्यूह की रचना की जाती है। इसमें महारथी कर्ण और दु:शासन का वध होता है।
विज्ञापन
शिक्षाविद् व रंगकर्मी आचार्य कृष्णानंद नौटियाल की ओर से गढ़वाली में लिखित इस नाटक में पात्रों का अभिनय देख दर्शक भी भाव-विभोर हो गए। आचार्य नौटियाल ने बताया कि ज्यामितीय विधि से मकरव्यूह की रचना की जाती है। इस नृत्य नाटिका में कृष्ण के रूप में प्रदीप सेमवाल, युधिष्ठिर के रूप में ओम प्रकाश गोस्वामी, भीम के रूप में गजेंद्र चौधरी, अर्जुन के रूप में राय सिंह राणा, द्रोपद्री के रूप में अंबिका, सुभद्रा के रूप में विद्या ने अभिनय किया। गायन में शंकर सिंह नेगी, दीपक भल्वान, शैलेश नौटियाल, मुकेश जोशी, अभिलाषा, काजल, सुमन, अनिल अग्रवाल, ढोल वादक रमेश लाल आदि शामिल रहे। इस अवसर पर मेला आयोजकों ने पात्रों को पुरस्कृत भी किया। संवाद
मेले की तैयारियों का जायजा लिया
कर्णप्रयाग। 14 नवंबर से शुरू होने जा रहे गौचर मेले में इस सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मेले में पत्रकार रमेश पहाड़ी को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया जाएगा। शनिवार को डीएम हिमांशु खुराना ने मेला मैदान में वाहन पार्किंग, बिजली, पेयजल, साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। साथ ही मेले के दौरान उच्च स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं भी होंगी। इस दौरान एसपी प्रमेंद्र डोबाल, सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, मेलाधिकारी/एसडीएम संतोष कुमार पांडेय और तहसीलदार सुरेंद्र देव सिंह आदि थे। संवाद
विज्ञापन
कवियों ने अपणि कुड़ी पुंगड़ी धरा पंदरा न छोड़ा..., लौ आवा पहाड़ लौ आवा अपना पहाड़..., धै लगांणी च तुमारी ओखली बटु देखणी तुमारी घर की खोली.... आदि की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि नंदासैंण मेला कमेटी ने सीमित संसाधनों के बावजूद मेले के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की जो पहल की वह सराहनीय है। मेले में विभिन्न विभागों व स्वयं सहायता समूहों की ओर से गोष्ठी, प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए। इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष हरेंद्र चौधरी, सचिव सुरेंद्र भंडारी, अशोक चौधरी, केदारदत्त नैथानी, रेवत नेगी, सुभाष नौटियाल, विजय चमोला, भूपेंद्र रावत आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
मकर व्यूह मंचन ने दर्शकों को किया भावुक
अगस्त्यमुनि। पांच दिवसीय शरदोत्सव, कृषि एवं औद्योगिक विकास मेले के समापन पर केदारघाटी मंडाण सांस्कृतिक मंच के कलाकारों ने महाभारत आधारित मकर व्यूह का मंचन किया। महाभारत में पांडवों की ओर से युद्ध के 16वें दिन मकरव्यूह की रचना की जाती है। इसमें महारथी कर्ण और दु:शासन का वध होता है।
विज्ञापन
शिक्षाविद् व रंगकर्मी आचार्य कृष्णानंद नौटियाल की ओर से गढ़वाली में लिखित इस नाटक में पात्रों का अभिनय देख दर्शक भी भाव-विभोर हो गए। आचार्य नौटियाल ने बताया कि ज्यामितीय विधि से मकरव्यूह की रचना की जाती है। इस नृत्य नाटिका में कृष्ण के रूप में प्रदीप सेमवाल, युधिष्ठिर के रूप में ओम प्रकाश गोस्वामी, भीम के रूप में गजेंद्र चौधरी, अर्जुन के रूप में राय सिंह राणा, द्रोपद्री के रूप में अंबिका, सुभद्रा के रूप में विद्या ने अभिनय किया। गायन में शंकर सिंह नेगी, दीपक भल्वान, शैलेश नौटियाल, मुकेश जोशी, अभिलाषा, काजल, सुमन, अनिल अग्रवाल, ढोल वादक रमेश लाल आदि शामिल रहे। इस अवसर पर मेला आयोजकों ने पात्रों को पुरस्कृत भी किया। संवाद
मेले की तैयारियों का जायजा लिया
कर्णप्रयाग। 14 नवंबर से शुरू होने जा रहे गौचर मेले में इस सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मेले में पत्रकार रमेश पहाड़ी को मुख्यमंत्री की ओर से सम्मानित किया जाएगा। शनिवार को डीएम हिमांशु खुराना ने मेला मैदान में वाहन पार्किंग, बिजली, पेयजल, साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। साथ ही मेले के दौरान उच्च स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं भी होंगी। इस दौरान एसपी प्रमेंद्र डोबाल, सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र, मेलाधिकारी/एसडीएम संतोष कुमार पांडेय और तहसीलदार सुरेंद्र देव सिंह आदि थे। संवाद