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Chamoli News: राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली के कपाट खुले
Wed, 29 Jan 2025 06:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 29 Jan 2025 06:08 PM IST
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फोटो
कर्णप्रयाग। सिमली स्थित श्री गोल गोविंद गुणसांई राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली के कपाट बुधवार को विधि विधान से ब्रह्ममुहूर्त में 5 बजकर 54 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दौरान मंदिर परिसर मां चंडिका और गोल गोविंद गुणसाईं के जयकारों से गूंज उठा। कपाट खुलने पर लोगों ने मंदिरों में देवताओं पूजा-अर्चना की।
बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त में पुजारी प्रदीप गैरोला, कृष्ण चंद्र गैरोला तथा सिमली और सुंदर गांव के मालगुजार महिपाल लडोला, गजेंद्र सगोई आदि ने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ मंदिर के कपाट खोलने की प्रक्रियाएं संपादित कीं। इसके बाद देवी देवताओं की आरती तथा भोग लगाकर विश्व कल्याण की कामना की। यहां पौराणिक परंपराओं के तहत माघ माह में 15 दिन के लिए मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला, बीरेंद्र सिंह लडोला, इंद्र सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी और बलवीर लडोला आदि मौजूद रहे। संवाद
दिवारा यात्रा पहुंची पाडुली गांव
गोपेश्वर। सिमली की आराध्य देवी राज राजेश्वरी मां चंडिका की दिवारा यात्रा इन दिनों गोपेश्वर क्षेत्र में भ्रमण कर रही है। बुधवार को यात्रा रात्रि प्रवास के लिए पाडुली गांव पहुंची। यहां भक्तों ने मां चंडिका का फूल मालाओं से स्वागत किया। गोपेश्वर के पोस्ट ऑफिस कॉलोनी में मां चंडिका देवी की विशेष पूजा की गई। ब्रह्म गुरु विनम्र दत्त सती, कमलेश और देवेंद्र कंडवाल ने माता की विभिन्न पूजा की। सुबह साढ़े नौ बजे मुख्य भक्तगण विनय डिमरी और शर्मिला डिमरी के नेतृत्व में माता की शक्ति पूजा की गई। इसके बाद ब्रह्म निशानों ने ढोल दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। संवाद
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कर्णप्रयाग। सिमली स्थित श्री गोल गोविंद गुणसांई राजराजेश्वरी चंडिका मंदिर सिमली के कपाट बुधवार को विधि विधान से ब्रह्ममुहूर्त में 5 बजकर 54 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस दौरान मंदिर परिसर मां चंडिका और गोल गोविंद गुणसाईं के जयकारों से गूंज उठा। कपाट खुलने पर लोगों ने मंदिरों में देवताओं पूजा-अर्चना की।
बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त में पुजारी प्रदीप गैरोला, कृष्ण चंद्र गैरोला तथा सिमली और सुंदर गांव के मालगुजार महिपाल लडोला, गजेंद्र सगोई आदि ने वैदिक मंत्रोच्चारों के साथ मंदिर के कपाट खोलने की प्रक्रियाएं संपादित कीं। इसके बाद देवी देवताओं की आरती तथा भोग लगाकर विश्व कल्याण की कामना की। यहां पौराणिक परंपराओं के तहत माघ माह में 15 दिन के लिए मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत टकोला, बीरेंद्र सिंह लडोला, इंद्र सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी और बलवीर लडोला आदि मौजूद रहे। संवाद
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दिवारा यात्रा पहुंची पाडुली गांव
गोपेश्वर। सिमली की आराध्य देवी राज राजेश्वरी मां चंडिका की दिवारा यात्रा इन दिनों गोपेश्वर क्षेत्र में भ्रमण कर रही है। बुधवार को यात्रा रात्रि प्रवास के लिए पाडुली गांव पहुंची। यहां भक्तों ने मां चंडिका का फूल मालाओं से स्वागत किया। गोपेश्वर के पोस्ट ऑफिस कॉलोनी में मां चंडिका देवी की विशेष पूजा की गई। ब्रह्म गुरु विनम्र दत्त सती, कमलेश और देवेंद्र कंडवाल ने माता की विभिन्न पूजा की। सुबह साढ़े नौ बजे मुख्य भक्तगण विनय डिमरी और शर्मिला डिमरी के नेतृत्व में माता की शक्ति पूजा की गई। इसके बाद ब्रह्म निशानों ने ढोल दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। संवाद
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