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16 को बंद होंगे आदिबदरी मंदिर के कपाट
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आदिबदरी मंदिर के कपाट पौष माह के लिए 16 दिसंबर को परंपरागत रूप से बंद कर दिए जाएंगे। समारोह में अनुष्ठानिक, धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
नरेंद्र चाकर की अध्यक्षता में आयोजित मंदिर समिति की बैठक में मंदिर के पुजारी चक्रधर थपलियाल ने कपाट बंद के दिन और मुहूर्त की घोषणा की। कहा कि मंदिर के कपाट आगामी 16 दिसंबर को रात्रि 7:30 बजे भोग व निर्वाण पूजा के बाद बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान महिला मंगल दलों के तथा क्षेत्रीय विद्यालयों के धार्मिक लोकनृत्य व धार्मिक लोकगीतों पर आधारित कार्यक्रम होंगे। साथ ही भजन प्रतियोगिता के अलावा धार्मिक विद्वानों के व्याख्यान माला का भी आयोजन होगा। बैठक में साज शृंगार, अनुष्ठानिक कार्यों व सांस्कृतिक कार्यों को संपन्न कराने के लिए समितियां बनाकर कार्य सौंपा गया। मंदिर समिति के महासचिव गैंणा रावत ने कहा कि मंदिर के कपाट 14 जनवरी मकर संक्रांति को श्रद्धालुओं के लिए ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाएंगे। बैठक में कोषाध्यक्ष नरेश बरमोला, यशवंत भंडारी, बृजेश कुंवर, भुवन बरमोला, हिमेंद्र कुंवर, बलवंत नेगी, राजेंद्र चमोला, भोपाल बिष्ट, कुंवर कठैत और गंगा रावत मौजूद थे।
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नरेंद्र चाकर की अध्यक्षता में आयोजित मंदिर समिति की बैठक में मंदिर के पुजारी चक्रधर थपलियाल ने कपाट बंद के दिन और मुहूर्त की घोषणा की। कहा कि मंदिर के कपाट आगामी 16 दिसंबर को रात्रि 7:30 बजे भोग व निर्वाण पूजा के बाद बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान महिला मंगल दलों के तथा क्षेत्रीय विद्यालयों के धार्मिक लोकनृत्य व धार्मिक लोकगीतों पर आधारित कार्यक्रम होंगे। साथ ही भजन प्रतियोगिता के अलावा धार्मिक विद्वानों के व्याख्यान माला का भी आयोजन होगा। बैठक में साज शृंगार, अनुष्ठानिक कार्यों व सांस्कृतिक कार्यों को संपन्न कराने के लिए समितियां बनाकर कार्य सौंपा गया। मंदिर समिति के महासचिव गैंणा रावत ने कहा कि मंदिर के कपाट 14 जनवरी मकर संक्रांति को श्रद्धालुओं के लिए ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाएंगे। बैठक में कोषाध्यक्ष नरेश बरमोला, यशवंत भंडारी, बृजेश कुंवर, भुवन बरमोला, हिमेंद्र कुंवर, बलवंत नेगी, राजेंद्र चमोला, भोपाल बिष्ट, कुंवर कठैत और गंगा रावत मौजूद थे।
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