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गैरसैंण पहुंची डॉक्टरों की टीम को झेलना पड़ा लोगों का विरोध

Sat, 22 Aug 2020 08:42 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 08:42 PM IST
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Team of doctors reached Garsain had to face opposition
सीएचसी गैरसैंण में 18 अगस्त को हुई गर्भवती महिला की मौत के मामले में रामलीला मैदान में दो दिनों से चल रहा आंदोलन डॉक्टरों के तबादले के बाद समाप्त हो गया। शनिवार को मामले की जांच के लिए गैरसैंण पहुंची डॉक्टरों की टीम को लोगों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। इस दौरान हुई वार्ता में डिप्टी सीएमओ एमएस खाती ने लोगों को समस्याओं के निराकरण का लिखित आश्वासन दिया।
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शनिवार को जिला अस्पताल गोपेश्वर से मामले की जांच के लिए गैरसैंण पहुंचे डिप्टी सीएमओ डा. एमएस खाती, डा. हेमा, उदय रावत, महेश देवराड़ी को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने अस्पताल के सामने धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा। काफी प्रयासों के बाद आंदोलनरत लोगों, स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। वार्ता में समझौता हुआ कि डॉ. विकास को उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग व डा. अनीता को गौचर संबद्ध किया जाएगा। डिप्टी सीएमओ एमएस खाती ने कहा कि विभागीय जांच एक सप्ताह में पूरी कर दी जाएगी। एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने कहा कि विभागीय व मजिस्ट्रेटी जांच में दोषी डॉक्टरों और कर्मियों को बख्सा नहीं जाएगा। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहन भंडारी ने जांच को सार्वजनिक करने, गैरसैंण में स्थायी सर्जन की नियुक्ति, अस्पताल में वेंटिलेटर की मांग उठाई। इस मौके पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष महावीर रावत, संजय रावत, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष केएस बिष्ट, जिपंस अवतार पुंडीर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, पूरन नेगी, राधा देवी, गौचर के पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष मुकेश नेगी, पीसीसी कर्णप्रयाग से हरिकृष्ण भट्ट, धूमा देवी, दान सिंह, जसवंत बिष्ट, विपुल गौड़, मोहन टम्टा, काशी कंडारी , कस्तूरा देवी, नारायण बिष्ट आदि थे।
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एनएसयूआई ने फूंका सरकार का पुतला
गोपेश्वर। गैरसैंण सीएचसी में गर्भवती की मौत के मामले से गुस्साए एनएसयूआई छात्र संगठन ने प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। छात्रों ने कहा कि सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण पहाड़ में आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर भी लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने सीएम को ज्ञापन भेजकर अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच करने, महिला के परिजनों को मुआवजा देने, ब्लॉक और तहसील स्तरों के अस्पतालों में स्थायी सर्जन की व्यवस्था करने, हर अस्पताल में एक वेंटिलेटर और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में विपिन फरस्वाण, सूर्य प्रकाश पुरोहित, रोहित फरस्वाण, अमन, अजय, रोनी, सुमित, मनीष, नितिन और सुधांशु आदि शामिल रहे। संवाद
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