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Chamoli News: निजी अस्पताल सील करने पहुंची टीम का विरोध
Wed, 07 Oct 2026 07:25 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Wed, 07 Oct 2026 07:25 PM IST
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फोटो
मानकों के विपरीत संचालन पर टीम गई थी सील करने
ग्रामीण बोले, अस्पताल पास होने से मिलता है उपचार, विरोध के कारण लौटी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। बुधवार को ग्वाड़ तल्ला स्थित एक निजी अस्पताल को सील करने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद लौटना पड़ा। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने गढ़वाल आयुक्त के 14 अक्तूबर तक प्रभावी स्थगन आदेश का पत्र प्रस्तुत किया।
एक निजी अस्पताल प्राधिकरण के मानकों के विपरीत आवासीय भवन में संचालित हो रहा था। ऐसे में क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के आदेश पर बुधवार को तहसील प्रशासन पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने पहुंचा। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान यूकेडी प्रदेश युवा अध्यक्ष आशीष नेगी और करीब 150 ग्रामीण अस्पताल के समर्थन में उतर आए। उन्होंने अधिकारियों को अंदर जाने से रोका। स्यूंसाल गांव के गब्बर बिष्ट ने कहा कि चौथाण पट्टी के कई गांवों के लोग इसी अस्पताल में उपचार कराते हैं। अस्पताल नजदीक होने से मरीजों को तुरंत मदद मिलती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अस्पताल बंद होने से गरीब व ग्रामीण परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। तहसीलदार हरीशचंद्र पांडे ने कहा कि अस्पताल के लिए व्यावसायिक भवन आवश्यक है जबकि यह आवासीय भवन में चल रहा था। अस्पताल को 22 सितंबर 2026 के आदेश के तहत सात अक्तूबर को सील किया जाना था। अब विधिक राय लेने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं अस्पताल प्रबंधक डॉ. मुदित ने बताया कि यह भवन वर्ष 1997 में बना है। प्रबंधन के अनुसार उनके पास भवन और अस्पताल से जुड़े सभी वैध दस्तावेज हैं।
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मानकों के विपरीत संचालन पर टीम गई थी सील करने
ग्रामीण बोले, अस्पताल पास होने से मिलता है उपचार, विरोध के कारण लौटी टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
गैरसैंण। बुधवार को ग्वाड़ तल्ला स्थित एक निजी अस्पताल को सील करने पहुंची प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद लौटना पड़ा। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने गढ़वाल आयुक्त के 14 अक्तूबर तक प्रभावी स्थगन आदेश का पत्र प्रस्तुत किया।
एक निजी अस्पताल प्राधिकरण के मानकों के विपरीत आवासीय भवन में संचालित हो रहा था। ऐसे में क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के आदेश पर बुधवार को तहसील प्रशासन पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने पहुंचा। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान यूकेडी प्रदेश युवा अध्यक्ष आशीष नेगी और करीब 150 ग्रामीण अस्पताल के समर्थन में उतर आए। उन्होंने अधिकारियों को अंदर जाने से रोका। स्यूंसाल गांव के गब्बर बिष्ट ने कहा कि चौथाण पट्टी के कई गांवों के लोग इसी अस्पताल में उपचार कराते हैं। अस्पताल नजदीक होने से मरीजों को तुरंत मदद मिलती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अस्पताल बंद होने से गरीब व ग्रामीण परिवारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। तहसीलदार हरीशचंद्र पांडे ने कहा कि अस्पताल के लिए व्यावसायिक भवन आवश्यक है जबकि यह आवासीय भवन में चल रहा था। अस्पताल को 22 सितंबर 2026 के आदेश के तहत सात अक्तूबर को सील किया जाना था। अब विधिक राय लेने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। वहीं अस्पताल प्रबंधक डॉ. मुदित ने बताया कि यह भवन वर्ष 1997 में बना है। प्रबंधन के अनुसार उनके पास भवन और अस्पताल से जुड़े सभी वैध दस्तावेज हैं।
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