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निजमूला, हापला और ठेली में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई ठप

Thu, 13 Aug 2020 10:15 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 10:15 PM IST
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Supply of essential commodities in Nizamula, Hapla and Theli halted
गोपेश्वर के समीप ग्वाड़ गांव में आंगन धंसने से खतरे की जद में आया मकान। - फोटो : GOPESHWAR
चमोली जिले में भूस्खलन और मलबा आने से 39 मार्ग तीन दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हो गई है। निजमूला, हापला और ठेली क्षेत्र में रसोई गैस की सप्लाई ठप पड़ गई है, जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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निजमूला घाटी की लाइफ लाइन बिरही-निजमूला सड़क बिरही से लेकर सैंजी गांव तक जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ी है जबकि घाट क्षेत्र में घाट-बांजबगड़, घाट-कुरुड़, घाट-बंगाली सड़क पर बोल्डर गिरे हैं। मथरपाल-कुहेड़ और चमोली-लासी-सरतोली सड़क भी कई जगहों पर बंद है, जिससे ठेली, नेथोली क्षेत्र में रसोई गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है। गोपेश्वर-हापला-पोखरी सड़क भी रैंसू में बंद है। यहां पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अवधेष रावत ने बताया कि वर्ष 2013 से सड़क पर जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है, जो अब थम नहीं रहा है। ग्रामीण सब्जी को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। क्षेत्र में रसद और रसोई गैस की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। ग्रामीण लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाने को मजबूर हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। बार-बार मौसम खराब होने के कारण सड़कों को सुचारु रखने में दिक्कतें आ रही हैं।
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गोशाला ध्वस्त, तीन मवेशियों की दबकर मौत
कुरालु, कठुड़, दोगड़ी और कांडाई गांव में भारी नुकसान
गोपेश्वर। भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल रास्ते, पेयजल लाइन व सड़क मार्ग तहस-नहस हो गए हैं। कुरालु गांव में एक गोशाला ध्वस्त हो गई जिससे तीन मवेशियों की मलबे में दबकर मौत हो गई। साथ ही एक भवन भी आंशिक क्षतिग्रस्त हुआ है और तीन घरों के आंगन क्षतिग्रस्त हो गए। गांव को जाने वाले पैदल मार्ग तहस-नहस हो गए।
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गांव के सोबत लाल, आशी लाल तथा हरेंद्र लाल के मकानों को भूस्खलन से खतरा बना है। मंडल घाटी के सिरों, कठुड़, दोगड़ी और कांडाई गांव में गदेरों का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया। गंगोलगांव में माइकल सिंह के घर पानी घुसने से घर का आंगन धंस गया। नगरवार्ड सात विकास नगर में भू धंसाव से सात भवनों को खतरा हो गया है। लोगों ने कहा कि नगर पालिका की ओर से क्षेत्र में पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किए जाने से पानी घरों में घुस रहा है। वहीं डीएम स्वाति एस भदौरिया ने कुरालु गांव और लॉ कॉलेज के समीप आपदा से हुए नुकसान का निरीक्षण किया। डीएम ने पशुपालन की चिकित्सा टीम को तत्काल मवेशियों का पोस्टमार्टम करने और प्रभावित परिवारों में मुआवजा देने के निर्देश दिए। प्रभावितों के घरों की दीवारों को मनरेगा या आपदा न्यूनीकरण से ठीक कराने के निर्देश दिए। एनडीआरएफ की टीम ने प्रभावित परिवारों में खाद्य सामग्री भी बांटी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम बुशरा अंसारी, आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी मौजूद थे। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट, जिला पंचायत सदस्य विक्रम बर्त्वाल, योगेंद्र सेमवाल ने आपदा प्रभावित मंडल घाटी के गांवों का निरीक्षण कर बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट और सांसद तीरथ सिंह रावत को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।
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