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छात्रों ने तैयार किया धुआं रहित चूल्हा
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
Updated Mon, 03 Oct 2016 10:21 PM IST
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कर्णप्रयाग के जूनियर हाईस्कूल पुड़याणी के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाया गया धुआं रहित चुल्हा।
- फोटो : Amar Ujala
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राजकीय जूनियर हाईस्कूल पुडियाणी के छात्रों ने ऐसा धुआं रहित चूल्हा तैयार किया है, जिसकी मदद से ईंधन की कम खपत के साथ ही ग्रामीणों को धुएं से भी निजात मिलेगी। जल्द ही चूल्हे का प्रदर्शन विभिन्न आयोजनों के दौरान किया जाएगा।
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शैलेश मटियानी पुरस्कार से सम्मानित स्कूल के शिक्षक भागचंद केशवानी के नेतृत्व में कक्षा आठ के छात्र रूपेश और रविंद्र, कक्षा सात के आदित्य, कक्षा छह के अमन सिंह और अनामिका ने इस धुआं रहित चूल्हे को निर्मित किया है। छात्रों ने गांवों में सर्वेक्षण कर पाया अब भी गांव में 70 फीसदी आबादी लकड़ी के चूल्हों में खाना बनाती है।
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शिक्षक केशवानी ने बताया कि छात्रों ने पुडियाणी और कोली गांव में सर्वेक्षण में पाया कि 139 में 100 परिवारों के पास रसोई गैस कनेक्शन तो है लेकिन महज 9 परिवार ही खाना बनाने में गैस कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। जबकि शेष 130 परिवार जंगल की लकड़ियों का प्रयोग करते है। इससे ईंधन की अधिक खपत होने के साथ ही धुएं से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। छात्रों के तैयार किए इस चूल्हे से जहां 40 फीसदी तक लकड़ियों की खपत कम होती है। वहीं लकड़ियां जलने पर धुआं भी नहीं होता है। विकासखंड की उप शिक्षा अधिकारी कैना चौहान और जिला शिक्षा माध्यमिक आशुतोष भंडारी ने छात्रों के प्रयास की सराहना की है।
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ऐसे बनाया चूल्हा
कर्णप्रयाग-चूल्हा बनाने रूपेश और रविंद्र का कहना है कि बाजार से 6 वोल्ट की बैटरी, जरूरत के हिसाब से पाइप, पंखा, चार्जर और लोहे से बना हुआ चूल्हे का आकार सहित रेगुलेटर खरीदने के बाद बैटरी का कनेक्शन पंखे को देकर पाइप के सहारे हवा दी जाती है। इसके बाद चूल्हे में लगे पाइप के सहारे धुआं बाहर निकलता है। शिक्षक केशवानी ने बताया कि पूरा चूल्हा तैयार करने में अधिकतम दो हजार का व्यय आता है। जबकि बैटरी को सौर पैनल से चार्ज किया जाता है।